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राजनीति MP के पूर्व DGP ऋषि कुमार शुक्‍ला CBI के नए निदेशक बने, दो साल होगा कार्यकाल

1 Hour ago

सभी अनुमानों पर विराम लगाते हुए सरकार ने शनिवार को मध्य प्रदेश के पूर्व डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) का नया निदेशक नियुक्त कर दिया। सरकार ने आलोक वर्मा को इस पद से हटाने के कुछ सप्ताह बाद यह नियुक्ति की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली चयन समिति में सदस्य के रूप में शामिल कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने असंतोष जताते हुए प्रधानमंत्री को दो पृष्ठों का अपना असहमति पत्र सौंपा है। नियुक्ति को मंजूरी देने वाली चयन समिति में मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई भी सदस्य के रूप में शामिल थे। सरकार ने कांग्रेस नेता की आलोचना करते हुए कहा है कि पसंद के कुछ अधिकारियों को मौका दिलाने की मंशा से वह चयन मापदंड में हेराफेरी करने के प्रयास में जुटे थे।

कार्मिक मंत्रालय द्वारा शनिवार को जारी आदेश के अनुसार, 1983 बैच के आइपीएस अधिकारी 58 वर्षीय शुक्ला का इस पद पर कार्यकाल दो वर्षो का होगा। मध्य प्रदेश की नई कांग्रेस सरकार ने शुक्ला को इसी सप्ताह राज्य के पुलिस महानिदेशक पद से हटाया था। मूल रूप से ग्वालियर निवासी शुक्ला अभी भोपाल में मध्य प्रदेश पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन चेयरमैन के रूप में कार्यरत हैं। सीबीआइ प्रमुख के रूप में उनकी नियुक्ति की घोषणा के बाद सरकार और विपक्षी पार्टी में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।

चयन मापदंड में नरमी बरती गई : खड़गे
कांग्रेस नेता खड़गे ने प्रधानमंत्री को भेजे गए असहमति का पत्र में आरोप लगाया है कि कानून और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लंघन करते हुए चयन मापदंड में नरमी बरती गई है। सीबीआइ का नियमन करने वाले दिल्ली पुलिस विशेष स्थापना अधिनियम का उल्लंघन किया गया है।

पसंद के अधिकारी को जगह दिलाने में जुटे थे खड़गे : जितेंद्र सिंह
केंद्रीय कार्मिक राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने इसके जवाब में दावा किया है कि कांग्रेस नेता ने पसंद के अधिकारियों को जगह दिलाने की मंशा से मापदंड में हेराफेरी का प्रयास किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चयन समिति में शामिल मुख्य न्यायाधीश ने सीबीआइ प्रमुख के चयन के लिए लागू होने वाले मापदंड को पूरा समर्थन किया।

दो बार हुई चयन समिति की बैठक
शुक्ला की नियुक्ति ऐसे समय में की गई है जब देश की प्रमुख जांच एजेंसी विवादों में घिरी है। इसके प्रमुख का पद वर्मा को 10 जनवरी को हटाए जाने के बाद से खाली पड़ा था। वर्मा को हटाने के समय भी कांग्रेस ने सवाल उठाया था। नए सीबीआइ प्रमुख की नियुक्ति के लिए समिति की दो बैठकें हुई। पहली बैठक 24 जनवरी को हुई, जिसमें किसी भी नाम पर फैसला नहीं हो पाया। दूसरी बैठक शुक्रवार एक फरवरी को हुई जिसके बाद यह फैसला सामने आया।

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राजनीति झोपड़ी में रहने वाले भाजपा विधायक का समर्थक बनवा रहे चंदे से घर

1 Hour ago

मध्य प्रदेश के भाजपा विधायक सीताराम आदिवासी के पास रहने के लिए घर नहीं है। वे झोपड़ीनुमा कच्चा मकान में रहते है। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा सीट से चुनाव जीतने वाले सीताराम आदिवासी की स्थिति देखकर उनके समर्थकों ने चंदे से मकान बनाने की कोशिश की है। स्थानीय लोग नहीं चाहते कि उनका विधायक झोपड़ी में रहे, लिहाजा लोगों ने आपसी सहयोग से पैसे इकट्ठे किए, जिससे सीताराम का पक्का मकान बन रहा है।

सीताराम ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के कद्दावर नेता रामनिवास रावत को शिकस्त दी है। सीताराम का यह तीसरा चुनाव था। वे लगातार दो चुनाव हारे और तीसरे चुनाव में उन्होंने आखिरकार जीत दर्ज कर ही ली। उनका रहन-सहन एकदम ग्रामीण शैली में है। इन दिनों वे शाम के समय अपनी झोपड़ी के बाहर खटोली पर बैठक कर आग तापते नजर आ जाएंगे, तो सुबह में शॉल ओढ़े, धूप सेंकते हुए अपनों की पंचायत करते। यह नजारा आम है।

सीताराम का कहना है कि उनके पास पैसा नहीं है, इसलिए अपने परिवार के साथ झोपड़ीनुमा कच्चे मकान मे रहते हैं। पहले कभी कांग्रेस के सदस्य हुआ करते थे, वहां महत्व नहीं मिला तो भाजपा में आए, दो चुनाव हारे, तीसरे चुनाव में जीत मिली है।

विधायक सीताराम को चाहने वाले धनराज का कहना है कि उन लोगों को अच्छा नहीं लगता कि उनका जनप्रतिनिधि झोपड़ीनुमा घर में रहे, यही कारण है कि उनके चहेतों ने चंदा करके पक्का मकान बनाने की योजना बनाई है, इस पर अमल भी शुरू हो गया है। सीताराम कराहल विकासखंड के पिपरानी गांव के रहने वाले हैं। इसी गांव में अब उनका पक्का मकान बनाया जा रहा है। वे स्वयं कहते हैं कि लोगों ने सहयोग के तौर पर 500-1000 रुपये करके दिए हैं। इस रकम से मकान निर्माण का शुरू कर दिया गया है।

सीताराम की पत्नी इमरती बाई का कहना है कि उनके पति और परिवार लंबे अरसे से संघर्ष करता आ रहा है। अब दिन फिरे हैं, उम्मीद है कि आने वाले समय में उनकी स्थिति सुधरेगी और जीवन सुखमय होगा।  सीताराम तो जनता के काम हो ही अपना काम मानते हैं, इसलिए जनता भी उन्हें अपना मानती है।


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राजनीति Jind bypoll Live updates: बूथों पर लंबी कतारें और अब तक 60 फीसद वोटिंग, कई जगह EVM में खराबी

1 Hour ago

हरियाणा के जींद विधानसभा सीट के Bypoll (उपचुनाव) के लिए मतदान जारी है। कड़ाके की ठंड के बावजूद मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की सुबह से लंबी कतारें लगी हैं। अब तक 60 फीसद से अधिक वाेटिंग हुई है। कई जगह EVM में खराबी आने से मतदान में बाधा हुई। इस बार पिछले चुनाव की तुलना में मतदान फीसद अधिक होने का अनुमान लगाया जा रहा है। मतदान के लिए पूरे क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्‍यवस्‍था की गई है। मतदान केंद्रों के अंदर और बाहर भारी पुलिस बल तैनात है। मतदान शाम पांच बजे तक चलेगा। मतगणना 31 जनवरी को होगी।

कई मतदान केंद्रों पर ठंड के कारण सुबह सात बजे से ही मतदाताओं की कतारें लग गईं। ग्रामीण और शहरी दाेनों क्षेत्रों में मतदाताओं में वोटिंग के प्रति उत्‍साह नजर आ रहा है। कुछ मतदान केंद्रों पर ईवीएम खराब हाेने से मतदान बाधित होने की सूचना है।

जींद के हिंदू कॉलेज में बनाए गए मतदान केंद्र पर वाेटरों की कतार।

जलालपुर कला गांव के बूथ नंबर 146 में ईवीएम खराब होने से मतदान बाधित होने से तनाव पैदा हो गया है। मतदाताओं ने अधिकारियों पर इस बारे में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। सुबह जींद शहर के हिंदू कॉलेज में बनाए गए मतदान केंद्र पर भी ईवीएम गड़बड़ी आने से मतदान बाधित हुआ। जिले के गांव जुलानी में भी ईवीएम में दिक्कत आई। इससे वोटिंग बाधित हुआ।

गांव कंडेला में वोट डालने के लिए लाइन में लगी महिलाएं।

21 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला कर रहे हैं वोटर 
उप चुनाव के लिए मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ। इस उपचुनाव में मतदाता 21 प्रत्याशियों की तकदीर का फैसला ईवीएम में कैद कर रहे हैं। एक लाख 72 हजार 775 मतदाताओं के लिए कुल 174 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। मतदान के दौरान किसी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। 

उपचुनाव को लेकर मतदाताओं में भारी उत्‍साह नजर आ रहा है। शहरी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के मतदाताओं भी मतदान के लिए खासा उत्साह है। ऐसे में इस बार पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस उपचुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है। पिछली बार चुनाव में 70 प्रतिशत मतदान हुआ था।

मतदान के लिए पहुंची 110 वर्षीय महिला सरीफन।

इस उपचुनाव को हरियाणा में लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव से पहले सेमीफाइनल मुकाबला माना जा रहा है। यही कारण है कि भाजपा, कांग्रेस सहित सभी दलों ने अपना पूरा जोर लगा दिया। यहां मुख्‍य मुकाबला भाजपा के कृष्‍ण मिड्ढ़ा, कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला और जननायक जनता पार्टी के दिग्विजय सिंह चौटाला के बीच माना जा रहा है।

 जींद के एक बूथ पर लगी मतदाताओं की कतार।

मतदान में सुरक्षा के लिए तीन हजार पुलिस कर्मियों, पांच सौ होमगार्ड के जवानों, दो कंपनी सीआरपीएफ और आरएएफ तैनात किसा गया है। 59 बूथ ऐसे हैं, जो संवेदनशील और अति संवेदनशील की श्रेणी में रखे गए हैं, जहां चुनाव आयोग को गड़बड़ होने की आशंका है। इन बूथों पर सीआरपीएफ और आरएएफ के जवान भी तैनात किए गए हैं।

जींद उपचुनाव पर पूरे प्रदेश की निगाह टिकी हुई है। जाटलैंड जींद में 1 लाख 72 हजार 775 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनमें 3565 लोग ऐसे हैं जो पहली बार मतदान करेंगे। इवीएम के जरिये होने वाले मतदान में वीवीपैट मशीनें भी लगाई गई हैं, ताकि मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के बाद यह देख सके कि उसने किसे वोट दिया है।

जींद के गांव पिंडारा में मतदान केंद्र पर पहुंची महिलाएं।

राज्य सरकार ने इस दिन यहां सरकारी अवकाश अधिसूचित किया है, ताकि अधिक से अधिक लोग मतदान कर सकें। जाटलैंड में सत्तारूढ़ भाजपा के उम्मीदवार डा. कृष्ण मिड्ढा, कांग्रेस के रणदीप सिंह सुरजेवाला, जननायक जनता पार्टी के दिग्विजय सिंह चौटाला, इनेलो के उम्मेद सिंह रेढू तथा लोकतंत्र रक्षा पार्टी के विनोद आश्री की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।

जींद उपचुनाव के नतीजे तीन दिन बाद यानी 31 जनवरी को आएंगे। यह उपचुनाव सिर्फ राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों की प्रतिष्ठा से ही नहीं जुड़ा है, बल्कि यहां के चुनाव नतीजे अगले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में पूरे प्रदेश के मतदाताओं का मिजाज बताने में सहायक साबित होंगे। यह चुनाव मुख्यमंत्री मनोहर लाल की राजनीतिक साख, देवीलाल व ओमप्रकाश चौटाला की पारिवारिक विरासत तथा कांग्रेस की सत्ता में वापसी की आस के सवालों का जवाब देने वाला साबित होगा। रविवार को गणतंत्र दिवस का अवकाश होने की वजह से हालांकि बहुत अधिक गतिविधियां जींद में नहीं हुई, लेकिन राजनीतिक दलों ने इस दिन गुप्त रणनीति बनाते हुए अपनी समीकरणों को अनुकूल बनाने का कोई मौका हाथ से नहीं जाने दिया। 

एक मतदान केंद्र पर मतदाताओं की जांच करतीं महिला पुलिसकर्मी।

जींद में 174 मतदन केंद्रों पर वोट पड़ेंगे। शाम पांच बजे तक जितने मतदाता लाइन में लग चुके होंगे, उन सभी को वोट डालने का अधिकार दिया जाएगा। तीन एएसपी के नेतृत्व में 24 पेट्रोलिंग पार्टियां बनाई गई हैं। पूरे शहर को पुलिस सुरक्षा के लिहाज से छह जोन में बांटा गया है। जींद में 51 स्थानों पर नके लगाए गए हैं। किसी भी उपद्रव को रोकने के लिए 7513 लाइसेंसी हथियारों में से 7100 लोगों के लाइसेंसी हथियार जमा कराए लिए गए हैं तथा 397 हथियारों के लाइसेंस रद करने की सिफारिश की गई है।

जाटलैंड में गैर जाट मतदाता डालेंगे असर

जींद का उपचुनाव पूरी तरह से जाट और गैर जाट में बदलता नजर आ रहा है। वैश्य और ब्राह्मण मतदाता निर्णायक भूमिका में होंगे, जिनके हर दल के उम्मीदवार अपने हक में होने का दावा कर रही हैं। उनकी मुट्ठी बंद है। जींद में तीन जाट और दो गैर जाट उम्मीदवार मैदान में हैं। जाट मतों में बिखराव और गैर जाट मतों का बंटवारा इस चुनाव में कोई भी गुल खिलाने की तरफ संकेत दे रहा है। भाजपा ऐन वक्त पर स्थितियों को अपने अनुकूल करने का दावा कर चुकी है।

वैश्य मतदाताों का भरोसा जीतने में भाजपा के कृष्ण मिड्ढा को कामयाबी मिलती दिखाई दे रही है। जेजेपी के दिग्विजय सिंह चौटाला को अपने वोट बैंक के अलावा आप के अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल का पूरा सहारा है। कांग्रेस के रणदीप सिंह सुरजेवाला अपनी साफ छवि, परंपरागत वोट और पार्टी के नेताओं के सहयोग से जीत का दावा कर रहे हैं। इनेलो के उम्मेद सिंह रेढू लोकल होने के साथ चौटाला के आशीर्वाद के बूते हैं।

दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा से जुड़ा जींद का रण

जींद उपचुनाव में राजनीतिक दलों के दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पांच नगर निगमों में जीत के बाद भाजपा हाईकमान में जो रूतबा कायम किया था, उसे बरकरार रखने की जरूरत है। भाजपा के जाट नेताओं बीरेंद्र सिंह, ओमप्रकाश धनखड़, कैप्टन अभिमन्यु और सुभाष बराला की प्रतिष्ठा भी दांव पर है।

ब्राह्मण व वैश्यों में रामबिलास शर्मा, विपुल गोयल, कविता जैन, पिछड़े वर्ग में कृष्ण बेदी, कृष्ण पंवार व नायब सैनी तथा पंजाबी मंत्री मनीष ग्रोवर की प्रतिष्ठा का आकलन भी इस चुनाव में होगा। कांग्रेस में भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कु. सैलाज, कुलदीप बिश्नोई, अशोक तंवर, किरण चौधरी और कैप्टन अजय यादव की प्रतिष्ठा दांव पर है। जेजेपी में अजय सिंह चौटाला व दुष्यंत चौटाला, इनेलो में अभय सिंह चौटाला और लोकतंत्र रक्षा पार्टी में भाजपा सांसद राजकुमार सैनी की प्रतिष्ठा दांव पर लगी दिखाई दे रही है।

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राजनीति CM योगी व केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने किया एक्वा लाइन का उद्घाटन, 10 लाख लोगों को होगा लाभ

1 Hour ago

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय शहरी विकास राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को सेक्टर-137 मेट्रो स्टेशन से नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (Noida Metro Rail Corporation) की एक्वा लाइन मेट्रो का उद्घाटन किया। इसका संचालन शुरू होने से नोएडा, ग्रेटर नोएडा के अलावा दिल्ली के तकरीबन 10 लाख से अधिक लोगों को लाभ होगा। 

उद्घाटन के बाद सीएम योगी ने अपने कैबिनेट के सहयोगी दिनेश शर्मा और गौतमबुद्धनगर के सांसद महेश शर्मा के साथ मेट्रो में सफर भी किया। 

गणतंत्र दिवस से मुसाफिर मेट्रो में सफर की शुरुआत कर सकेंगे

पहले दिन यानी 26 जनवरी की सुबह 10.30 से शाम पांच बजे तक मेट्रो चलेगी। इसके बाद अगले दिन रविवार को सुबह 8 से रात 10 बजे तक चलेगी। शेष दिन सुबह 6 से रात 10 बजे तक मेट्रो का संचालन किया जाएगा। वहीं पार्किंग सुबह छह से रात 12 बजे तक होगी। पहले चरण में यहां 12 मेट्रो चलाई जाएंगी। इस लाइन पर प्रत्येक 15-15 मिनट पर मेट्रो सेवा मिलती रहेगी। वर्तमान में सेक्टर-51 की डीएमआरसी के सेक्टर-71 मेट्रो स्टेशन से कनेक्टिविटी नहीं होने से मुसाफिरों को थोड़ी निराशा जरूर होगी लेकिन मार्च तक ब्लू व एक्वा लाइन को एक कॉरिडोर के जरिये जोड़ दिया जाएगा।

वहीं, उद्घाटन के बाद 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के मौके पर मुसाफिर एक्वा लाइन में सफर का आनंद ले सकेंगे। इस मेट्रो रूट के शुरू होने के साथ नोएडा से ग्रेटर नोएडा के बीच की दूरी सिमट जाएगी। 

मेट्रो संचालन के बाद यह एनसीआर का सबसे लंबा ट्रैक बन जाएगा। 29.707 किलोमीटर लंबे रूट पर कुल 21 मेट्रो स्टेशन है। 17 मेट्रो स्टेशनों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। शुरुआत के एक साल तक इसका संचालन दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) द्वारा किया जाएगा, फिर यह NMRC के जिम्मे आ जाएगा।

वहीं, उद्घाटन से पहले अपने संबोधन में कहा कि नोएडा-ग्रेनो मेट्रो का नॉलेज पार्क पांच तक विस्तार किया जाएगा। साथ ही कहा कि यूपी सरकार ने इसके लिए मंजूरी दे दी है। सीएम ने कहा कि नोएडा-ग्रेटर मेट्रो उद्घाटन से आज का दिन महत्वपूर्ण है। मेट्रो की सेवा से दोनों शहर जुड़ गया। इस परियोजना को जून 2017 में केंद्र ने इसका अनुमोदन दिया। रिकॉर्ड समय में यह योजना पूरी हुई। इसके लिए प्रधानमंत्री जी को बधाई। तीनों प्राधिकरण के कार्य में सुधार हुआ है। पहले जहां तीन किलोमीटर लाइन बिछती थी, वहां अब तीन किलोमीटर प्रतिदिन बिछाई जा रही है। सांसद और विधायक के सकारात्मक रुख से जिला विकसित हो रहा। 

इससे पहले तय कार्यक्रम के तहत सीएम योगी शुक्रवार सुबह 11 बजे के आसपास नोएडा के सेक्टर-85 में बने हेलीपैड पर पहुंचे। मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, राज्यमंत्री सुरेश राणा और कैबिनेट मंत्री सतीश महाना भी मौजूद थे। यहां पर केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा, विधायक पंकज सिंह, धीरेंद्र ठाकुर और तेजपाल नागर के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो का संचालन शुरू होने से सेक्टर 34, सेक्टर 50, 51,78, 81, 83, दादरी रोड, 142, 144, 147,153, 149, केपी 1 व 2, परी चौक, अल्फा वन, डेल्टा वन आदि क्षेत्र सीधे मेट्रो से जुड़ेंगे। वहीं इससे नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस में ट्रैफिक में कमी आएगी। इससे नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे पर भी थोड़ा ट्रैफिक घटेगा।

जानिए किराए के बारे में

एक्वा लाइन पर एक स्टेशन पर यात्रा करने के लिए क्यूआर-कोडेड टिकट से 10 रुपए और स्मार्ट कार्ड के माध्यम से 9 रुपये का खर्च आएगा। 2 किमी के टिकट पर 15 रुपये और स्मार्ट कार्ड पर 13.50 रुपये खर्च होंगे।3 से 6 किमी के टिकट के जरिए 20 रुपये और स्मार्ट कार्ड पर 18 रुपये खर्च होंगे।

7 से 9 किमी के टिकट पर 30 रुपए और स्मार्ट कार्ड पर 27 रुपये खर्च करने होंगे। 10 से अधिक स्टेशनों पर यात्रा करना, लेकिन 16 से कम स्टेशनों पर टिकट के माध्यम से 40 रुपये का खर्च होगा। वहीं, स्मार्ट कार्ड के माध्यम से 36 रुपये. 16 स्टेशनों से आगे की यात्रा के लिए टिकट के माध्यम से 50 रुपये और स्मार्ट कार्ड के माध्यम से 45 रुपये लगेंगे। 


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राजनीति EXCLUSIVE: ओडिशा प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जल्द हो सकते हैं गिरफ्तार, जानिये- वजह

1 Hour ago

ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष निरंजन पटनायक और उनके बेटे नवज्योति पटनायक यदि पुलिस जांच में शामिल नहीं हुए तो जल्द गिरफ्तार किए जाएंगे। दोनों पर एक निवेशक के 65 करोड़ हड़प लेने का आरोप है।

मामले में दो अक्टूबर 2017 को साकेत कोर्ट के निर्देश पर पिता-पुत्र समेत चार के खिलाफ दिल्ली पुलिस के आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) में केस दर्ज किया गया था। दो आरोपितों से ईओडब्ल्यू पूछताछ कर चुका है, लेकिन निरंजन पटनायक और नवज्योति पटनायक जांच में शामिल नहीं हुए। उन्होंने केस से जुड़े दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए। अब पूछताछ में शामिल होने के लिए दोबारा नोटिस भेजा गया है। फरवरी के पहले हफ्ते में उन्हें जांच में शामिल होने को कहा गया है। जांच में शामिल न होने पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आर्थिक अपराध शाखा के वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है।

पुलिस के मुताबिक, ओडिशा में वावासी टेलीकॉम नामक कंपनी में निरंजन पटनायक पहले निदेशक थे। बाद में उन्होंने बेटे को यह पद दे दिया। 2016 में निरंजन पटनायक ने ओडिशा निवासी कमलजीत सिंह आहलूवालिया से संपर्क कर कहा कि वह ओडिशा में मोबाइल का थ्रीजी से अपग्रेड नेटवर्क सिस्टम लगाना चाह रहे हैं। अगर वह इस धंधे में पैसा निवेश करेंगे तो उन्हें कुछ ही साल के अंदर दोगुना मुनाफा हो जाएगा।

कमलजीत सिंह आहलूवालिया ने 65 करोड़ निवेश कर दिए। उन्हें बताया गया था कि 2017 में मुनाफे के साथ 130 करोड़ लौटाए जाएंगे। कई महीने बाद तक मोबाइल के टॉवर नहीं लगाए गए तो उन्हें शक हो गया। पिता-पुत्र से बात करने पर उन्होंने बताया कि टू-जी को लेकर पंगा चल रहा है। बाद में पैसे लौटाने से भी इन्कार कर दिया। उसके बाद कमलजीत ने साकेत कोर्ट में शिकायत कर मुकदमा दर्ज करने का आदेश देने की गुहार लगाई।

कोर्ट के निर्देश पर 2017 में ईओडब्ल्यू में वावासी टेलीकॉम के अधिकारी फरीद अरीफुद्दीन, उनकी पत्न गार्गी अरीफुद्दीन के साथ ही निरंजन पटनायक और उनके बेटे नवज्योति पटनायक के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। ईओडब्ल्यू के नोटिस पर फरीद दंपती जांच में पहुंचा तो पटनायक पिता-पुत्र द्वारा पैसे का इस्तेमाल किए जाने के सुबूत मिले। इसके बाद ईओडब्ल्यू ने पिता-पुत्र को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा, लेकिन वे दिल्ली नहीं आए।


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राजनीति लोकसभा से पहले कांग्रेस के सामने विधानसभा चुनाव जीतना चुनौती

1 Hour ago

लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार को रामगढ़ विधानसभा सीट पर होने वाले चुनाव में कड़ी परीक्षा से गुजरना होगा। रामगढ़ सीट पर बसपा प्रत्याशी की मौत के कारण चुनाव स्थगित कर दिया गया था। अब इस सीट पर जल्द चुनाव कराए जाने है। कांग्रेस के लिए यह सीट जीतना बेहद जरूरी है। 200 सदस्यीय सदन में कांग्रेस के सदस्यों की संख्या 99 में है। अगर कांग्रेस यह सीट जीतने में कामयाब होती है तो उसके विधायकों की संख्या बढ़कर 100 हो जाएगी।

चुनाव में सहयोगी राष्ट्रीय लोकदल के बलबूते कांग्रेस सरकार के सदन में 101 सदस्य हो जाएंगे। इसके साथ ही अगर कांग्रेस चुनाव जीतती है तो पार्टी कार्यकर्ताओं को उत्साह बना रहेगा। भाजपा यह चुनाव जीतने की कोशिश करेगी,जिससे सरकार को पहले ही दिन से घेरा जा सके। पंचायत उप चुनाव में मिली सफलता से भाजपा में थोड़ा उत्साह बढ़ा है। 10 सीटों पर हुए पंचायत उप चुनाव में भाजपा को 6 और कांग्रेस को 4 सीटें मिली है। इस लिहाज से रामगढ़ का चुनाव बड़ा रोचक होने वाला है।

कांग्रेस और भाजपा के नए चेहरे मैदान में

रामगढ़ से कांग्रेस एवं भाजपा ने नए चेहरे मैदान में उतारे है। कांग्रेस ने यहां से तीन बार विधायक रहे पार्टी के राष्ट्रीय सचिव जुबेर खान की पत्नी साफिया जुबेर खान का मैदान में उतारा है। जुबेर खान पिछले दो चुनाव लगातार हार गए थे। पार्टी ने नए फार्मूले के तहत खान का टिकट काटकर उनकी पत्नी को टिकट दिया है । भाजपा ने भी लगातार दो चुनाव जीतने वाले ज्ञानदेव आहूजा का टिकट काट दिया और लक्ष्मणगढ़ से प्रधान रहे सुखवंत सिंह पर दांव खेला है।

भाजपा के इस निर्णय से आहूजा बागी हो गए थे। हालांकि पार्टी ने प्रदेश उपाध्यक्ष बनाकर उनके विरोध को दबा दिया है। रामगढ़ सीट पर दो बार से लगातार ज्ञानदेव आहूजा जीतते थे। इससे पहले 1998 में भी आहूजा विधायक रहे। लेकिन, इस बार भाजपा ने उनका टिकट काट दिया। वहीं जुबेर खान भी यहां से कांग्रेस टिकट पर वर्ष 2003, 1993 एवं 1990 में विधायक रहे। पिछले दोनों चुनाव वर्ष 2013 एवं 2008 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार वर्ष 1951 से 2013 तक हुए 14 चुनावों में भाजपा चार और कांग्रेस ने 10 बार यहां से जीत हासिल की है।

शीघ्र होगी चुनाव की तारीख घोषित

रामगढ़ सीट पर चुनाव की तारीखों का एलान इसी सप्ताह संभव है। राज्य निर्वाचन विभाग ने रिपोर्ट एवं दो से तीन संभावित कार्यक्रम की जानकारी भारत निर्वाचन आयोग को भिजवा दी है। यहां 19 प्रत्याशी पहले से मैदान में है। सिर्फ बसपा को अपना प्रत्याशी उतारना है। अन्य प्रत्याशी वही मैदान में रहेंगे जिन्होंने पहले अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया था । भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल सैनी का कहना है कि पंचायत उप चुनाव में भाजपा कांग्रेस के मुकाबले आगे रही है। अब रामगढ़ चुनाव भी जीतेंगे और फिर लोकसभा में भी परचम लहराएंगे। 

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राजनीति राजस्थान में 32 लाख किसानों की जमीन बैंकों के पास गिरवी

1 Hour ago

राजस्थान के 32 लाख किसानों की जमीन व्यावसायिक बैंकों के पास गिरवी रखी हुई है। व्यावसायिक बैंक किसान की जमीन गिरवी रखने के बाद ही लोन देता है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने करीब दस दिन पूर्व किसानों की कर्ज माफी की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। किसानों के दो लाख रुपये तक के कर्ज माफ होने से सरकार पर करीब 18 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक भार पड़ेगा। एक तरफ सीएम ने कर्ज माफी की घोषणा की, वहीं दूसरी तरफ बैंकों ने किसानों को खरीफ की फसल के लिए लोन देने से मना करना शुरू कर दिया है।

अभी तक शुरू नहीं हुई कर्ज माफी की प्रक्रिया
सीएम ने चुनावी वादे को पूरा करने के लिए दो लाख रुपये तक किसानों की कर्ज माफी की घोषणा तो कर दी, लेकिन कर्ज माफ करने की प्रक्रिया क्या रहेगा और किन-किन किसानों के कैसे-कैसे कर्ज माफ होंगे, इसको लेकर प्रक्रिया अब तक नहीं हुई है। सीएम ने इसके लिए मंत्रियों की समिति तो बना दी, लेकिन इसकी एक भी बैठक नहीं हुई है।

वित्त एवं सहकारिता विभाग की पड़ताल में सामने आया कि सहकारी बैंक का करीब साढ़े नौ हजार करोड़ और भूमि विकास बैंक के करीब ग्यारह सौ करोड़ रुपये किसानों पर बकाया है। बैंक ने पहले ही 2200 करोड़ का लोन एनसीडीसी से ले रखा है। सहकारी बैंकों की तरह लाखों किसानों ने व्यावसायिक बैंक, ग्रामीण बैंक व ग्रामीण क्षेत्र में संचालित अन्य बैंकों से भी लोन ले रखा है। करीब 24 लाख किसानों ने 21 राष्ट्रीयकृत बैंकों से और करीब सात लाख किसानों ने निजी बैंकों से लोन ले रखा है। इसी तरह साढ़े सात हजार किसानों ने ओवरसीज बैंकों से लोन लेखा है। इन सभी की जमीन बैंकों के पास गिरवी है।

चार फसल बाद भी लोन चुकता नहीं तो एनपीए

व्यावसायिक बैंक किसान क्रेडिट कार्ड के आधार पर दो फसल के लिए लोन देती है। विशेष परिस्थिति पर दो फसल बाद लोन चुकता नहीं करने पर दो फसल का समय और दिया जाता है, फिर भी लोन नहीं चुकता होने पर उसे एनपीए में शामिल किया जाता है। उस खाते में ब्याज जुडऩा बंद कर वसूली की कार्रवाई शुरू होती है। कृषि ऋण के मामले में यह वसूली का अधिकार बैंकों की बजाय तहसीलदार व उससे ऊपर के राजस्व अफसरों के पास होता है।

प्रति किसान 1.69 लाख का कर्ज
राजस्थान स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक 58 लाख से अधिक किसान कर्जदार है। औसतन प्रति किसान पर 1.69 व्यावयासिक बैंकों से 32 लाख से अधिक किसानों ने लोन ले रखा है। यह कर्ज औसतन दो लाख बीस हजार रुपये प्रति किसान पर है। 

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राजनीति दिल्ली समेत 3 राज्यों में AAP-कांग्रेस गठबंधन पर सस्पेंस खत्म, BJP की राह हुई आसान

1 Hour ago

आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस के बीच गठबंधन की सभी संभावनाएं खत्म हो गई हैं। AAP ने साफ कर दिया है कि वह किसी से गठबंधन नहीं करेगी। AAP जल्द ही दिल्ली और पंजाब में सभी प्रत्याशियों की घोषणा करने जा रही है। जाहिर इससे तीनों राज्यों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सीधे लाभ पहुंचेगा।

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रभारी गोपाल राय ने समाचार एजेंसी एएनआइ से बातचीत में कहा कि हमारी पार्टी पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में कांग्रेस से कोई गठबंधन नहीं करेगी। वह अकेले ही 2019 के लोकसभा चुनाव में सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। AAP विधायक गोपाल राय ने नाराजगी भरे अंदाज में कहा कि कांग्रेस के लिए उसका घमंड राष्ट्रहित से बड़ा है। यह सब तीन राज्यों के चुनाव परिणाम के बाद शीला दीक्षित और पंजाब के सीएम अमरिंद सिंह के बयानों में भी दिखा है। 

गौरतलब है कि गठबंधन न होने के लिए AAP ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और दिल्ली की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित को जिम्मेदार माना है। AAP के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह व शीला दीक्षित ने गैर जरूरी बयान देकर हमारी राह आसान कर दी है।

पार्टी की दिल्ली और पंजाब इकाई के मना करने के बाद भी हमारे ऊपर गठबंधन के लिए मित्र दलों का दबाव था। उनका तर्क था कि सभी धर्मनिरपेक्ष ताकतें एक साथ मिलकर चुनाव लड़ें। कयास लगाए जा रहे थे कि AAP भी महागठबंधन में शामिल हो सकती है।

लोकसभा प्रभारी बनाए जाने के बाद भी प्रत्याशियों की घोषणा न किए जाने को भी इससे जोड़ कर देखा जा रहा था। हालांकि स्थिति उस समय बिगड़ गई जब AAP मुख्यालय पर कुछ दिन पहले युवक कांग्रेस ने प्रदर्शन और तोड़फोड़ की। इस पर आप ने अजय माकन के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी थी। कांग्रेस का आरोप था कि उसने इसलिए प्रदर्शन किया, क्योंकि दिल्ली विधानसभा मे राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने का प्रस्ताव पास किया गया। जबकि अगले ही दिन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रेसवार्ता कर साफ किया था कि इस तरह का कोई प्रस्ताव पास नहीं हुआ है।


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राजनीति कोलकाता रैली के लिए राहुल गांधी ने ममता बनर्जी को समर्थन में चिट्ठी लिखी

1 Hour ago

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की शनिवार को कोलकाता में होने वाली रैली से एक दिन पहले शुक्रवार को समर्थन में चिट्ठी लिखी है। राहुल गांधी ने पत्र में लिखा है कि पूरा विपक्ष एकजुट है। मैं रैली के लिए ममता को अपना समर्थन देता हूं।


पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर मैदान में उतर चुकी हैं। इसके लिए अब ममता 19 जनवरी को बड़ी रैली का आयोजन करने जा रही है। जहां भाजपा विरोधी पार्टियों को रैली में आमंत्रित किया गया है।

तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया है कि आज़ादी के बाद ये  विपक्ष की सबसे बड़ी रैली होगी। समाजवादी पार्टी, बहुजन समाजवादी पार्टी, डीएमके, जनता दल यूनाइटेड (सेक्युलर ), कांग्रेस तेलगुदेशम पार्टी के सदस्यों के रैली में शामिल होने की खबर है। आने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपा को कड़ी टक्कर देने के लिए ममता बनर्जी बीजेपी विरोधी दलों को साथ लाने का काम कर रही हैं।19 जनवरी को कोलकाता के सबसे बड़े मैदान ब्रिगेड परेड ग्राउंड में पार्टी की महारैली होने वाली है।

इस रैली में भाजपा विरोधी गुटों को आमंत्रित किया गया है। इस रैली में विपक्षी नेताओं में नेशनल कॉन्फ्रेंस के शीर्ष नेता फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला, डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन, दिल्ली के सीएम  अरविंद केजरीवाल, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) सुप्रीमो शरद पवार, उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने सहमति दे दी है।

इस रैली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी तथा बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख  मायावती खुद नहीं शामिल होकर  अपना प्रतिनिधि भेजेंगे। बसपा से सतीश चंद्र मिश्रा,कांग्रेस से मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल होंगे।साथ ही सीएम ममता की इस रैली के माध्यम से विपक्षी एकता का भी प्रदर्शन किया जाएगा।


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राजनीति झारखंड में महागठबंधन की कमान संभालेंगे हेमंत सोरेन

1 Hour ago

झारखंड में विपक्षी महागठबंधन को लेकर फिलहाल अटकलों का दौर थमता नजर आ रहा है। गुरुवार को नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन के आवास पर हुई बैठक में यह लगभग तय हो गया कि वे राज्य में विपक्षी महागठबंधन का नेतृत्व करेंगे। तमाम कयास के विपरीत पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार, राष्ट्रीय जनता दल की प्रदेश अध्यक्ष अन्नपूर्णा देवी समेत वामदलों के प्रमुख नेताओं ने बैठक में शिरकत की।

सभी ने एक स्वर में स्वीकारा कि गठबंधन कर लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ा जाएगा। इसका अंतिम स्वरूप तय करने की मियाद 30 जनवरी रखी गई है। इस दौरान दिल्ली में भी बैठक होगी। तमाम कवायद पूरी करने के बाद विपक्षी दलों के नेता संयुक्त तौर पर महागठबंधन की औपचारिक घोषणा करेंगे।

झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने बैठक समाप्त होने के बाद कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ मिलकर लड़ने पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन का उद्देश्य भाजपा को हराना है। केंद्र व राज्य सरकार की गलत नीतियों के कारण लोग बेहाल हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा समान विचारधारा वाले दलों के साथ चुनाव मैदान में जाएगा।

भाजपा कंफ्यूजन पैदा कर रही : डॉ. अजय

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार के मुताबिक भाजपा विपक्षी महागठबंधन में भ्रम पैदा करना चाहती है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में कांग्रेस और विधानसभा चुनाव में हेमंत सोरेन का नेतृत्व रहेगा। इसे लेकर कोई दिक्कत नहीं है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी इसकी घोषणा कर चुके हैं।

हेमंत सोरेन के नेतृत्व में लड़ेंगे चुनाव : अन्नपूर्णा देवी

राजद की प्रदेश अध्यक्ष अन्नपूर्णा देवी ने कहा है कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व में विपक्षी दल चुनाव लड़ेंगे। राज्य में विपक्षी महागठबंधन हर हाल में बनेगा। गठबंधन में किसी प्रकार की समस्या नहीं है। सभी दल आपस में बैठकर सीटों पर फैसला करेंगे। झारखंड मुक्ति मोर्चा सबसे बड़ा दल है। हेमंत सोरेन के नेतृत्व पर कोई विरोध नहीं है।

हर हाल में करेंगे गठबंधन : बाबूलाल मरांडी

झारखंड विकास मोर्चा के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने गठबंधन की पुरजोर वकालत की है। बैठक समाप्त होने के बाद उन्होंने कहा कि हर हाल में झारखंड में गठबंधन कर चुनाव लड़ेंगे। भाजपा देश में लोकतंत्र को कमजोर कर रही है। गठबंधन का स्वरूप 30 जनवरी तक तय कर लिया जाएगा। बैठक में लोकसभा और विधानसभा चुनाव पर चर्चा की गई।

आगे क्या होगा

-30 जनवरी तक विपक्षी दलों के नेताओं की अलग-अलग बैठकें होंगी।

-प्रदेश कांग्र्रेस के सह प्रभारी उमंग सिंघार शुक्रवार को आएंगे रांची, इसके बाद आएंगे प्रभारी आरपीएन सिंह।

-नई दिल्ली में कांग्र्रेस आलाकमान संग होगी बैठक।

-नई दिल्ली-रांची में होगी महागठबंधन की घोषणा।

बैठक में उठी बातें

-हेमंत सोरेन ने कहा कि झामुमो सबसे बड़ा दल है। कहा कि उन्हें नेता घोषित कर चुनाव लड़ा जाए।

-भाकपा ने हजारीबाग सीट पर दावेदारी की।

-झाविमो-भाकपा ने कहा कि चुनाव मिलकर लड़ें। नेता पर फैसला बाद में कर लेंगे।

लोस चुनाव में कहां किसकी दावेदारी, कहां फंसेगा पेंच

-कांग्र्रेस का दावा आठ सीटों रांची, खूंटी, धनबाद, जमशेदपुर, चाईबासा, हजारीबाग, गोड्डा और लोहरदगा पर।

-झामुमो की दावेदारी दुमका, राजमहल, जमशेदपुर, गिरिडीह पर।

-झाविमो कोडरमा व गोड्डा, राजद चतरा और पलामू एवं सीपीआइ हजारीबाग।

भाजपा ने कांग्रेस को बताया झामुमो का पिछलग्गू
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने महागठबंधन की आज हुई बैठक पर कटाक्ष करते हुए कहा हेमंत सोरेन को महागठबंधन का नेता मानकर कांग्रेस ने यह सिद्ध कर दिया कि वह झारखंड में एक क्षेत्रीय दल की पिछलग्गू बनेगी। शाहदेव ने कहा कि जीवन भर शिबू सोरेन और उनके परिजनों को कोसने वाले बाबूलाल मरांडी ने आज हेमंत सोरेन के नेतृत्व को स्वीकार करके दिखा दिया कि अब तक का उनके द्वारा नीति सिद्धांत की बात करना महज एक ढकोसला था।

प्रतुल ने कहा कि पिक्चर अभी बाकी है क्योंकि इसके पहले भी डॉक्टर अजय कुमार और आरपीएन सिंह ने कांग्रेस की ओर से हेमंत को गठबंधन का नेता माना था लेकिन तीन राज्यों में मिली सफलता और कोलेबिरा की जीत के बाद अजय कुमार ने पलटी मार दी थी।

कांग्रेस के घोषणापत्र में स्थानीय मुद्दे भी होंगे शामिल
झारखंड प्रदेश योजना एवं क्रियान्वयन समिति ने प्रदेश के प्रमुख स्थानीय मुद्दों को कांग्रेस के घोषणापत्र में शामिल कराने की बात कही है। गुरुवार को समिति की बैठक के दौरान पारा शिक्षकों की मांगों, मंगल डैम, कोयलकारो और नेतरहाट फिल्ड फायरिंग प्रोजेक्ट, जेपीएससी में बहाली में गड़बड़ी आदि कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान तय किया गया कि विधानसभा में मंगल डैम के शिलान्यास का विरोध किया जाएगा। यह डैम पूर्व से निर्मित है तो फिर शिलान्यास राजनीतिक फायदे के लिए किया गया।

समिति के चेयरमैन डॉ. रामेश्वर उरांव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में डॉ. सरफराज अहमद, आलोक कुमार दुबे, अमिताभ रंजन और थियोडोर किड़ो उपस्थित थे। नेताओं ने राज्य में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के वादे पर सरकार की विफलता को भी मुद्दा बनाने के साथ-साथ रोजगार के मोर्चे पर फेल होने का भी विषय उठाया। 

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राजनीति कन्हैया के लिए बेगुसराय सीट नहीं छोड़ेगी RJD?, जानिए इस पर CPI ने क्या कहा

1 Hour ago

कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया ने गुरुवार को कन्हैया कुमार को लेकर फैल रही अफवाहों का खंडन किया। इससे पहले कन्हैया कुमार पर चार्जशीट दायर होने के बाद ऐसी ख़बरें आ रही थीं कि आरजेडी ने कन्हैया कुमार को बेगुसराय से लड़ने के लिए समर्थन वापस ले लिया है। कम्यूनिस्ट पार्टी के मुताबिक वह लगातार राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के संपर्क में हैं और जल्द ही रांची जेल में उनसे मुलाकात भी की जाएगी। इस दौरान मौजूदा राजनीतिक हालात और सीटों के बंटवारे को लेकर चर्चा होगी। 

सूत्रों के मुताबिक, वामपंथी पार्टियां राजद से तीन सीटें लेने पर अड़ी हैं। जिनमें कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, कन्हैया कुमार के लिए बेगुसराय और मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी उजियापुर से राम देव वर्मा को महागठबंधन के उम्मीदवार को तौर पर लड़ाना चाहती हैं। बता दें कि राम देव वर्मा विभूतिपुर विधानसभा से चार बार विधायक रह चुके हैं। 

उल्लेखनीय है कि सोमवार को दिल्ली पुलिस ने तीन साल पुराने जेएनयू मामले में कन्हैया समेत कई लोगों पर चार्जशीट फाइल की है। जिसमें कन्हैया कुमार कई लोगों पर देशद्रोही नारे लगाने और भीड़ का नेतृत्व करने का आरोप है। जिसके बाद ये ख़बर आने लगी कि चार्जशीट के बाद से अब राजद, कन्हैया कुमार की बेगुसराय से दावेदारी पर फिर से विचार करने लगा है और माना जा रहा है कि इस वजह से उनके हारने की संभावना बन रही है।


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राजनीति Vibrant Gujarat Summit 2019: पीएम मोदी ने वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल ट्रेड शो का किया उद्घाटन

1 Hour ago

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से तीन दिन के गुजरात दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री अहमदाबाद एयरपोर्ट से गांधीनगर पहुंचे। गांधीनगर में मोदी ने वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल ट्रेड शो का उद्घाटन किया।इससे पहले राज्यपाल ओमप्रकाश कोहली, मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू वाघानी व महापौर बिजल पटेल ने प्रधानमंत्री का एयरपोर्ट पर स्वागत किया। इस दौरान गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल नहीं शामिल हुए। मोदी यहां कई कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। पीएम मोदी अहमदाबाद में आधुनिक तकनीक और सुविधाओं से लैस 1500 बिस्तरों वाले नवनिर्मित सरदार पटेल अस्पताल का लोकार्पण करेंगे। शाम को पीएम मोदी साबरमती रिवर फ्रंट पर व्यापार और निवेश के लिहाज से अहम गुजरात ट्रेड फेयर का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री 18 जनवरी को वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के नौवें संस्करण का उद्घाटन करेंगे।


प्रधानमंत्री मोदी अहमदाबाद हवाई अड्डे से सीधे गांधीनगर वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन स्थल महात्मा मंदिर जाएंगे। यहां प्रधानमंत्री गुजरात ग्लोबल ट्रेड शो का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद शाम को मोदी अहमदाबाद के लिए रवाना होंगे। इसके बाद अहमदाबाद में नवनिर्मित आधुनिक सुविधाओं से लैस 1500 बिस्तर वाले सरदार वल्लभभाई पटेल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस एंड रिसर्च अस्तपाल का उद्घाटन करेंगे।

इसके बाद शाम को साबरमती रिवरफ्रंट पर दुबई की तर्ज पर आयोजित हो रहे शॉपिंग फेस्टिवल 2019 का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी यहां एक सभा को भी संबोधित करने के बाद गांधीनगर के महात्मा मंदिर रवाना होंगे। यहां वे उपस्थित विशिष्ठ अतिथियों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद रात्रि विश्राम गांधीनगर राजभवन में करेंगे।

18 जनवरी को मोदी महात्मा मंदिर में सुबह वाइब्रेंट गुजरात वैश्विक सम्मेलन 2019 का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वे कई देशों से आए विशिष्ठ अतिथियों से विचार-विमर्श करेंगे। महात्मा मंदिर में प्रधानमंत्री मोदी के साथ अन्य देश के प्रधानमंत्री-राष्ट्रपतियों के साथ बैठक करेंगे। इसके लिए महात्मा मंदिर विशिष्ठ लॉज बनाया गया है। इसके बाद पीएम ग्लोबल ट्रेड शो में आयोजित बायड सेल मीट और दांडी कुटिर में नमक के ढेर के साथ हो रहे थ्रीडी प्रोजेक्शन से लेजर शो का भी उद्घाटन करेंगे।

शुक्रवार को रात्रि विश्राम राजभवन में करने के बाद अगले दिन वे सूरत के हाजिरा जाएंगे। जहां गन फैक्टरी का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद संघ प्रदेश दादरा नगर हवेली के सिलवासा जाएंगे। जहां विभिन्न विकास कार्यों का मुहूंत व लोकापर्ण करेंगे। वहां से वे मुंबई जाएंगे।

वाइब्रेंट गुजरात अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के चलते अहमदाबाद और गांधीनगर की पुलिस हाईअलर्ट पर है। गुजरात सरकार ने अहमदाबाद से गांधीनगर तक पुलिस का जमीन से आसमान तक कड़ा बंदोबस्त तैनात किया गया है।

अहमदाबाद के हवाई अड्डे से गांधीनगर महात्मा मंदिर, रिवरफ्रन्ट, शॉपिंग फेस्टिवल स्थल, सरदार पटेल मेडिकल अस्पताल सहित की ओर आने जाने मार्गों पर चार हजार से अधिक पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। सुरक्षा के मद्देनजर दोपहर के समय रिवरफ्रन्ट का मार्ग भी बंद कर दिया गया है। शहर के सभी होटलों पर चेकिंग की जा रही है। रेलवे स्टेशन व बस स्टैंडों पर भी पुलिस का बड़ा बल तैनात किया गया है।

पुलिस बंदोबस्त

1 एडिशनल डीजी

5 आईजी-डीआईडी

23 एसपी-डीसीपी

64 एसीपी-डीवायएसपी

179 पीआई

419 पीएसआई

3000 पुलिस जवान

280 ट्रैफिक जवान

68 कमांडों

10 एसआरपी की टुकड़ी।

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राजनीति जानिये ताजनगरी में मोदी की दहाड़ के बाद अब राहुल की गर्जना की कैसी तैयारी

1 Hour ago

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की आगरा रैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए पार्टी नेतृत्व जुट गया है। शहर व जिला कार्यकारिणी से बूथ और ब्लॉक स्तर तक के पदाधिकारियों की सूची तलब की है। लखनऊ से इसकी निरंतर मॉनीटरिंग की जा रही है। उप्र में कांग्रेस ने अकेले चुनाव लडऩे का ऐलान किया है। आगरा में राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की रैली फरवरी में होनी है, जिसकी तिथि अभी तय नहीं की गई है।

मतभेद भुला चुनाव में जुटने का आह्वान

पार्टी पदाधिकारियों को शीर्ष नेतृत्व द्वारा आपसी मतभेद भुला तैयारियों में जुटने को कहा है। अब पार्टी नेतृत्व ने शहर व जिला कार्यकारिणी पर लगाम कसी है। शहर में वार्ड स्तर पर बनी बूथ कमेटियों के अध्यक्ष, बूथ एजेंट और चार-चार के पैनल की सूची मांगी है। शहर में सभी वार्डों में पार्टी के बूथ प्रभारी, एजेंट नहीं हैं। ऐसे में पार्टी को सूची तैयार करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। उधर देहात में भी पार्टी से ब्लॉक पदाधिकारियों व बूथों पर सक्रिय कार्यकर्ताओं की सूची मांगी गई है। ब्लॉक स्तर पर सभी 15 ब्लॉकों में दो-दो पदाधिकारियों को पर्यवेक्षक बनाकर रैली के लिए न्याय पंचायत स्तर पर बैठकें करने का दायित्व सौंपा गया है। लखनऊ से इसकी मॉनीटङ्क्षरग पार्टी नेतृत्व द्वारा गठित टीम कर रही है। इससे स्थानीय पदाधिकारियों का पसीना छूट रहा है। इसके लिए शहर से लेकर देहात तक बैठकें शुरू कर दी हैं।

कोठी मीना बाजार मैदान में होगी रैली

राहुल गांधी की रैली कोठी मीना बाजार मैदान में होगी। जिला व शहर कांग्रेस ने भीड़ को देखते हुए इसी जगह का सुझाव प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद को दिया है। रैली की तिथि तय होते ही इसके लिए अनुमति संबंधी प्रक्रियाएं पूरी की जाएगी।

दस दिन में हो जाएगी पूरी तैयारी

रैली के लिए हर वार्ड में बैठक करनी हैं। 10 दिन में सब काम हो जाएगा। बूथ अध्यक्षों, एजेंटों व पैनल की सूची तैयार कर नेतृत्व को भेजी जा रही हैं।

-हाजी अबरार हुसैन, शहर अध्यक्ष

रैली के लिए ब्लॉक स्तर पर बैठकें शुरू कर दी गई हैं। पर्यवेक्षक बनाकर उन्हें जिम्मेदारी सौंपी हैं। किसान, मजदूर और युवाओं का समर्थन मिल रहा है।

-दुष्यंत शर्मा, जिला अध्यक्ष

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राजनीति कांग्रेस के पक्ष में आए रघुवंश सिंह, गठबंधन पर सपा-बसपा को दी नसीहत

1 Hour ago

यूपी में सपा और बसपा के बीच हुए गठबंधन की सियासत बिहार में कुछ अधिक ही तेज है। इस पर एनडीए ही नहीं, महागठबंधन के घटक दलों से भी बड़े-बड़े बयान आ रहे हैं। हम के मुखिया जीतनराम मांझी के बाद अब राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह ने कांग्रेस के पक्ष में खड़े दिख रहे हैं। बुधवार को उन्होंने सपा-बसपा से इस गठबंधन पर ​फिर से विचार करने की अपील की है। बता दें कि इसके पहले हम के मुखिया जीतनराम मांझी ने कांग्रेस की तरफदारी की थी। 

राजद के वरीय नेता व पूर्व केंद्रीय रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि यूपी में कांग्रेस को छोड़कर गठबंधन नहीं होना चाहिए। ऐसे में यह महागठबंधन नहीं कहलाएगा। उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस के बिना राष्‍ट्रीय विकल्‍प संभव नहीं है। हर हाल में कांग्रेस को साथ में लेकर चलने की जरूरत है। 

उन्‍होंने कहा कि नसीहत देते हुए कहा कि सपा और बसपा को सिर्फ यूपी दिख रहा है। ऐसे में हम यह कह सकते हैं कि यूपी में गठबंधन हुआ है, महागठबंधन नहीं। उन्‍होंने कहा कि सपा-बसपा को प्रदेश से ऊपर सोचने की जरूरत है। उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस राष्‍ट्रीय पार्टी है, उसे छोड़कर नहीं चला जा सकता है। दोनों दलों को इस पर फिर से विचार करने की जरूरत है। 

गौरतलब है कि हम के मुखिया जीतनराम मांझी ने भी दो दिन पहले कहा था कि सपा व बसपा दोनों के लिए यह ठीक नहीं है कि कांग्रेस काे छोड़कर गठबंधन बनाया जाए। उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस को भी साथ रखने की जरूरत है। बता दें कि कांग्रेस के बिना सपा-बसपा के बीच गठबंधन को लेकर विरोधी लगातार तंज कस रहे हैं और कांग्रेस पर चुटकी ले रहे हैं। हालांकि कांग्रेस ने इन सबसे इतर यूपी में लोकसभा की सभी 80 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात कह दी है।

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राजनीति MLA अनंत सिंह का दावा- मुंगेर से कांग्रेस का टिकट फाइनल, राहुल की रैली में होंगे शामिल

1 Hour ago

बिहार के मोकामा से बाहुबली निर्दलीय विधायक अनंत सिंह ने दावा किया है कि आगामी लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस से मुंगेर सीट के लिए उनका टिकट फाइनल हो चुका है। वे आगामी तीन फरवरी को पटना के गांधी मैदान में होने वाली रैली में भी शिरकत करेंगे। इसके पहले अनंत सिंह 18 जनवरी को अथमलगोला से मुंगेर तक रोड शो करेंगे। 


अनंत सिंह ने कहा कि मुंगेर की जनता अब ललन सिंह को भूल चुकी है। अब अनंत सिंह मुंगेर की जनता के लिए खुद खड़ा रहेगा और जनता के लिए काम करेगा।  

अनंत सिंह के पटना स्थित उनके आवास पर मुंगेर से आए लोगों की काफी भीड़ दिखी। वहां समर्थक उन्हें अपना नेता बता रहे थे। इसके पहले अनंत सिंह ने अपने पैतृक गांव नदावां जाकर रोड शो में सफलता के लिए मां ब्रह्मचारिणी की पूजा कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि विपक्षी कोई भी हो, उसकी जमानत जब्त करवा दूंगा।


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राजनीति लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी कांग्रेस, राहुल गांधी ने दिए निर्देश

1 Hour ago

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव 2019 के लिए पार्टी की तैयारियों को रफ्तार देते हुए सभी राज्य इकाइयों को संगठन को तत्काल पूरी तरह दुरुस्त करने का निर्देश दिया है। साथ ही कुछ राज्यों में नये अध्यक्षों की नियुक्ति कर अपने स्तर पर भी राहुल ने सूबे के संगठनों को नये तेवर और कलेवर देने की शुरुआत कर दी है। दिल्ली में शीला दीक्षित को तो हिमाचल प्रदेश में कुलदीप राठौर को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की कमान तो छत्तीसगढ में सीएम भूपेश बघेल को प्रदेश चुनाव अभियान समिति की जिम्मेदारी सौंपकर राहुल ने चुनावी तैयारी में अब देर नहीं करने का संकेत दे दिए हैं।

लोकसभा चुनाव की तैयारियों के लिए राज्यों इकाइयों की अब तक की रूपरेखा की समीक्षा के लिए राहुल गांधी ने सभी प्रदेशों के कांग्रेस अध्यक्षों की गुरूवार को बैठक बुलाई थी। दुबई की अपनी आधिकारिक यात्रा पर रवाना होने से एक दिन पहले राहुल ने प्रदेश अध्यक्षों से साफ कहा कि सूबे के ब्लाक स्तर के संगठन तक का ढांचा अगले एक हफ्ते तक पूरी तरह गठित हो जाना चाहिए। मोदी सरकार के 2014 के चुनावी वादों के पूरे नहीं होने की पूरी फेहरिस्त गिनाते हुए कांग्रेस नेतृत्व ने सूबे की इकाइयों से साफ कहा है कि भाजपा की नाकामियों को गांव-गांव तक ले जाने के लिए संगठन को पूरी तरह सक्रिय करना होगा।

सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष ने राज्यों के प्रमुखों को केवल यही टास्क नहीं दिया बल्कि ब्लॉक स्तर तक के पार्टी के तय कार्यक्रमों और आंदोलनों की पूरी रपट भी लगातार हाईकमान को देते रहने के निर्देश दिए हैं। कांग्रेस का साफ मानना है कि किसानों की बदहाली और कर्ज माफी को जिस तरह राहुल गांधी ने भाजपा सरकार के लिए बड़ी सियासी चुनौती बना दी है उसका दबाव बनाए रखने की जिम्मेदारी राज्यों इकाइयों पर है। ताकि किसानों की कर्ज माफी पर राहुल का रुख और कांग्रेस के चुनावी वादे में इसे अहम रहने को गांव-गांव तक पहुंचाया जा सके।

इसी रणनीति के तहत कांग्रेस नेतृत्व ने सभी राज्य इकाइयों को निर्देश दिए हैं वे ब्लाक स्तर पर किसान कर्ज माफी, एमएसपी बढ़ाने और खरीद प्रक्रिया की खामियों जैसे मसले को लेकर विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम करें। सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में हाईकमान ने सूबे के नेताओं से सवर्णों को 10 फीसद आरक्षण देने के सरकार के फैसले को लेकर भी विचार मंथन किया। इसमें यह राय बनी कि कांग्रेस ने पूरी तरह आरक्षण के इस बिल का समर्थन किया है। इसीलिए सभी राज्यों के नेताओं की जिम्मेदारी है कि वे सुनिश्चित करें कि भाजपा अकेले इसका श्रेय न बटोर सके क्योंकि कांग्रेस के समर्थन के बिना राज्यसभा में आरक्षण बिल पारित नहीं हो सकता था।

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राजनीति विकास को पंख लगाएगा मोदी का जम्‍मू का दौरा, खरबों रुपये के 14 प्रोजेक्टों का रखेंगे नींव

1 Hour ago

लोकसभा और विधानसभा चुनाव से पहले जम्मू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा क्षेत्र में विकास को पंख लगाएगा। चुनावी तैयारी कर रही भाजपा को उम्मीद है कि मोदी के दौरे से क्षेत्र से छह दशक के भेदभाव का दौर समाप्त होगा। दो बार टल चुके इस दौरे की नई तिथि का फैसला दिल्ली में 11 जनवरी से शुरू हो रही भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक के दौरान होगा। पार्टी की पूरी कोशिश है कि पीएम का दौरा 20 जनवरी के आसपास हो जाए।

प्रधानमंत्री ने जम्मू कश्मीर में विकास का नया अध्याय शुरू करने के लिए 80 हजार करोड़ रुपये का पैकेज दिया था। यह पैकेज भाजपा-पीडीपी सरकार की आपसी खींचतान की भेंट चढ़ गया। ऐसे में दोनों पार्टियां अपने साढ़े तीन साल के कार्यकाल में इस पैकेज का एक तिहाई हिस्सा भी इस्तेमाल नहीं कर पाईं। अब केंद्र सरकार की पूरी कोशिश है कि बचे चंद महीनों में जम्मू कश्मीर में प्रधानमंत्री पुननिर्माण योजनाओं के प्रोजेक्टों को गति दी जाए। ऐसे में प्रधानमंत्री खरबों रुपये के 14 प्रोजेक्टों का जल्द नींव पत्थर रखेंगे। इन बड़े प्रोजेक्टों के पूरा होने से राज्य में विकास के मायने बदल जाएंगे। कई प्रोजेक्टों पर ग्राउंड वर्क हो रहा है।

दिसंबर से हो रहा दौरे का इंतजार :

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प्रधानमंत्री के जम्मू आने का इंतजार पिछले वर्ष दिसंबर से हो रहा है। पहले उनका 15 दिसंबर को जम्मू आने का कार्यक्रम बन रहा था। उसके बाद 15 जनवरी और अब नई तिथि फाइनल की जा रही है। यह इंतजार भाजपा को नागवार गुजर रहा है। इस दौरे के बाद ही भाजपा की चुनावी तैयारी में तेजी आएगी।

इन प्रोजेक्ट का नींव पत्थर रखेंगे प्रधानमंत्री :

प्रधानमंत्री जम्मू में एम्स का नींव पत्थर रखेंगे। प्रधानमंत्री पुननिर्माण पैकेज के तहत राज्य में चार हजार करोड़ की लागत से दो एम्स बनने हैं। इनमें से एक जम्मू संभाग के सांबा जिले के विजयपुर व दूसरा कश्मीर के पुलवामा जिले के अवंतीपोरा में बनेगा। इनके साथ प्रधानमंत्री 5100 करोड़ की लागत वाले जम्मू-अखनूर-राजौरी-पुंछ नेशनल हाईवे का नींव पत्थर भी रखेंगे। जिन अन्य विकास प्रोजेक्टों का नींव पत्थर रखा जाना है, उनमें प्रधानमंत्री जम्मू-अखनूर फोर लेनिंग, अखनूर में परगवाल-इंदरीपट्टन पुल, शाहपुर-कंडी प्रोजेक्ट, उज प्रोजेक्ट, जम्मू के आइआइएम, आइआइटी, देविका नदी संरक्षण, चिनैनी-सुद्धमहादेव वैकल्पिक नेशनल हाईवे, लद्दाख की क्लस्टर यूनिवर्सिटी, पांच नए मेडिकल कॉलेज व डिग्री कॉलेज सुंदरबनी का बटन दबाकर नींव पत्थर रखेंगे।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रविंद्र रैना ने कहा दिल्ली में राष्ट्रीय परिषद की बैठक के कारण प्रधानमंत्री का दौरा टालना पड़ा। मोदी जल्द आएंगे और पूरे आसार हैं कि दिल्ली की बैठक में दौरान तिथि भी फाइनल हो जाएगी।

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राजनीति नकदी की बढ़ती मांग लेकिन पर्याप्त संख्या में ATM नहीं, 10 पर एक एटीएम खराब

1 Hour ago

Shortage of ATM in India, पर्याप्त संख्या में एटीएम ना होने को लेकर संसदीय समिति ने चिंता जताई। 10 एटीएम पर एक एटीएम खराब।

नोटबंदी के बाद खड़ा हुआ नकदी का संकट भले ही काफी हद तक दूर हो गया हो, लेकिन अब भी सैकड़ों ATM ऐसे हैं जो या तो खराब रहते हैं या उनमें नकदी नहीं होती। यही वजह है कि पर्याप्त संख्या में एटीएम ना होने को लेकर संसदीय समिति ने चिंता प्रकट की है।

नकदी की बढ़ती मांग, पर्याप्त संख्या में ATM नहीं 

वित्त मामलों के संबंधी संसद की स्थाई समिति ने हाल में पेश की गई अपनी एक रिपोर्ट में इस समस्या की ओर ध्यान दिलाया है। समिति ने यह मुद्दा ऐसे समय उठाया है जब हाल में यह खबर आई थी कि पिछले साल देश में बड़ी संख्या में एटीएम बंद हुए हैं। कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली की अध्यक्षता वाली इस समिति का कहना है कि बढ़ती अर्थव्यवस्था में नकदी की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अभी पर्याप्त संख्या में एटीएम नहीं लगाए गए हैं, जबकि अधिकाधिक डेबिट कार्ड जारी किए जा रहे हैं और बड़ी संख्या में बैंक जन धन खाते भी खोल रहे हैं।

ATM की कमी और ATM न चलने की समस्या

इसके अलावा नोटबंदी के बाद आरबीआई की नकदी उपलब्ध कराने की कोशिशों पर भी समिति ने टिप्पणी की है। समिति का कहना है कि नोटबंदी के बाद ग्रामीण क्षेत्रों और अर्ध शहरी क्षेत्रों में नकदी उपलब्ध कराने के प्रयास पूरी तरह कामयाब नहीं रहे हैं जिससे बहुत से एटीएम बंद हो गए। चूंकि डिजिटल लेन-दन सर्व व्यापक नहीं हुआ है, इसलिए आरबीआई को एटीएम की कमी और इनके न चलने की समस्या को बैंकों के साथ उठाना चाहिए, ताकि आम लोगों को नकदी की कमी से न जूझना पड़े।

10 में से एक एटीएम खराब 

उल्लेखनीय है कि 31 मार्च 2018 तक देश में सभी व्यवसायिक बैंकों के कुल 2,22,066 एटीएम है। हालांकि इनमें से सिर्फ 88.97% ही काम कर रहे हैं। इसका मतलब यह है की 10 में से एक एटीएम खराब है। हाल में इस तरह की खबरें भी आई थी वित्त वर्ष 2017-18 में लगभग 1300 एटीएम बंद भी हुए हैं।

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राजनीति प्रधानमंत्री मोदी कल ओडिशा में, देंगे 7332 करोड़ की सौगात

1 Hour ago

ओडिशा में भाजपा को मजबूत बनाने के लिए जोरदार तैयारी शुरू हाे गई है, इसी क्रम में पांच जनवरी को प्रधानमंत्री मोदी और 18 जनवरी को अमित शाह ओडिशा दौरे पर आएंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक दिवसीय दौरे पर पांच जनवरी को ओडिशा आ रहे हैं। वे मयूरभंज जिले के बारीपदा में 7332 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं का ऑनलाइन लोकार्पण व शिलान्यास करेंगे। साथ ही बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। यह जानकारी भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता गोलक महापात्र ने दी है।महापात्र ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी बारीपदा में जनसभा को संबोधित करेंगे। इसकी तैयारी की जा रही है। साथ ही 7332 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करेंगे, जिसमें राष्ट्रीय राजमार्ग-215 व छह के फोरलेन एवं दो रेल लाइन के दोहरीकरण कार्य का शिलान्यास समेत इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आइओसीएल) की बालेश्वर-हल्दिया गैस पाइपलाइन का लोकार्पण एवं टाटा-बादामपहाड़ के बीच पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने का कार्यक्रम है। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी छह शहरों भद्रक, जाजपुर, आसिका, केंदुझर, कटक एवं ढेंकानाल के पासपोर्ट केंद्रों का लोकार्पण करेंगे।

16 को फिर आएंगे मोदी

प्रधानमंत्री मोदी 16 जनवरी को पश्चिम ओडिशा के बलांगीर में जनसभा को संबोधित करेंगे। इससे पहले 24 दिसंबर को खुर्दा में एक जनसभा को संबोधित किया था। प्रधानमंत्री की एक के बाद एक यात्राओं को 2019 में होने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। 

गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी को ओडिशा में मजबूत बनाने के लिए पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व ने जोरदार तैयारी शुरू कर दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दनादन प्रदेश का दौरा कर रहे हैं। हाल ही में जहां प्रधानमंत्री खुर्दा दौरे पर आकर कार्यकर्ताओं में जान भरी थी तो वहीं पांच जनवरी को प्रधानमंत्री बारीपदा आ रहे हैं। 16 जनवरी को प्रधानमंत्री पुन: पश्चिम ओडिशा के दौरे के साथ एकाधिक कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। प्रधानमंत्री के लगातार दौरे से  ओडिशा भाजपा में नई जान आ गई है कार्यकर्ताओं में उत्साह है।

ऐसे में आगामी 18 जनवरी को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का भी ओडिशा दौरा होने की जानकारी भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तथा  ओडिशा प्रभारी अ्रुण सिंह ने दी है। अरुण सिंह ने कहा है कि राज्य भाजपा मिशन 120 प्लस के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रही है। पूर्वी भारत के विकास तथा नए ओड़िशा गठन के लिए पार्टी महत्व दे रही है। राज्य में पीसी (परसेंटेज) कारोबार, बेरोजगारी, केन्द्रीय योजना को लागू न करने जैसे कई सवाल प्रधानमंत्री ने अपने पिछले दौरे के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से किया था, मगर मुख्यमंत्री नवीन पटनायक इसका जवाब नहीं दे पाए।

पांच जनवरी को बारीपदा में प्रधानमंत्री विभिन्न प्रोजेक्ट का लोकार्पण व शिलान्यास करेंगे। इसके बाद 18 जनवरी को हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह  ओडिशा आ रहे हैं। राज्य में मौजूद विभिन्न शक्ति केन्द्रों में जाने के साथ बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ आगामी चुनाव को लेकर रणनीतिक चर्चा करेंगे। इसके साथ ही किसान प्रसंग पर बीजद के संसद घेराव करने के निर्णय पर श्री सिंह ने कहा कि आगामी आठ जनवरी को बीजद का किसानों की समस्या को लेकर आन्दोलन करना निंदनीय है। समास्या का समाधान न कर विरोध प्रदर्शन करना मुख्यमंत्री नीतिगत अभ्यास है। अपनी नाकामी को छिपानी के लिए वह बहाना खोज रहे हैं।

19 साल तक शासन करने वाली बीजद आखिर अब तक किसानों की समस्या को क्यों खत्म नहीं कर पायी, इसका जवाब उन्हें जनता को देना होगा। पड़ोसी छत्तीसगढ़ सरकार यदि 2550 रुपया एमएसपी दे रही है तो फिर  ओडिशा सरकार को देने में क्या असुविधा है। 

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राजनीति जयललिता की मौत के मामले में जस्टिस अरुमुगस्वामी आयोग ने इन लोगों को किया समन

1 Hour ago

तमिलनाडु, एएनआइ। जे जयललिता की मौत के मामले में जस्टिस अरुमुगास्वामी कमिशन ने ब्रिटेन के डॉक्टर रिचर्ड बेल, तमिलनाडु के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री सी. विजयभास्कर, उपमुख्‍यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम और लोकसभा के उपाध्यक्ष एम. थमबिदुरई को समन जारी किया है।

पिछले दिनों जयललिता की मौत के बाद जिस तरह विवाद और संशय शुरू हुआ था, वो एक बार फिर से जोर पकड़ने लगा है। दरअसल, इस मौत की जांच कर रहे आयोग के समक्ष अपोलो अस्पताल की एक टेक्निशियन ने कार्डिएक अरेस्ट का जो समय बताया है, वह अस्पताल द्वारा दी गई जानकारी से अलग है। टेक्‍निशियन के अनुसार यह समय शाम के 3.50 बजे का था वहीं अस्‍पताल ने 4.20 का बताया है। अस्‍पताल के ही समय को वीके शशिकला ने भी बताया था।

लंबी बीमारी के बाद पांच दिसंबर 2016 को जयललिता का निधन हो गया। उनके निधन के बाद उनकी मौत के कारणों की जांच की मांग उठने लगी। अपोलो अस्पताल मुताबिक जयललिता को अपराह्न 4.20 बजे कार्डिएक अरेस्ट आया। इसके बाद डॉक्टरों ने तत्काल ईसीजी और कार्डियोपुलमनरी रिससिटैशन (CPR) किया।

इसके बाद सर्जिकल रिससिटैशन और एक्स्ट्राकॉरपोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सिजेनेशन (ECMO) किया गया और इसके सहारे जयललिता अगले एक दिन यानी 5 दिसंबर, 2016 तक जीवित थीं। इससे पहले वह लंबे समय अस्पताल में रही थीं। हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज ए. अरुमुघास्वामी को जांच का जिम्मा दिया गया। जयललिता की अस्पताल में देखरेख शशिकला व दिनाकरन ने की थी।

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राजनीति मिशन 2019 : कांग्रेस से गठबंधन हुआ तो भी दक्षिणी दिल्ली सीट AAP के पास ही रहेगी

1 Hour ago

नई दिल्ली, जेएनएन। दिल्ली में चल रही सियासी उठापटक के बीच लोकसभा चुनाव-2019 को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो दक्षिणी दिल्ली सीट पर आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रत्याशी राघव चढ्डा खासी पकड़ बना चुके हैं। वह अपने मिलनसार व्यवहार के चलते हर वर्ग के लोगों में पहुंच बना रहे हैं। इस तरह के कयास भी लगाए जा रहे हैं कि कांग्रेस से गठबंधन होने की स्थिति में भी पार्टी यहां से राघव चढ्डा पर ही दांव लगाएगी। बताया जाता है कि पिछले छह माह से पार्टी की अन्य गतिविधियों के साथ-साथ साथ चढ्डा दक्षिणी दिल्ली सीट पर पूरा फोकस कर रहे हैं।

निकाली थी स्‍वाभिमान यात्रा
गत दिनों वह उस दौरान भी खासी चर्चा में आ गए थे, जब उन्होंने उत्तर भारतीयों के लिए स्वाभिमान यात्रा निकाली। इसका मकसद दिल्ली में रह रहे पूर्वाचल के लोगों को सम्मान दिलाना था, क्योंकि इससे कुछ दिन पहले ही दक्षिणी दिल्ली के एक कद्दावर भाजपा नेता ने अपनी ही पार्टी के एक पूर्वाचली नेता को अपशब्द कह मारपीट की थी। इस मामले में एफआइआर भी मुश्किल से दर्ज हो पाई थी।

मतदाता सूची का उठाया मुद्दा
इसके अलावा दिल्ली में मतदाता सूची में पूर्वाचल, मुस्लिम और वैश्य समाज के लोगों के वोट काटे जाने का मुद्दा भी इन्होंने ही उठाया था। यह बात भी सामने लाई कि चुनाव आयोग के पास मतदाता सूची को लेकर सही जानकारी नहीं है।

पानी की समस्‍या पर बुलंद की आवाज
उन्होंने दक्षिणी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र में पानी की समस्या भी काफी हद तक दूर कराई है। ऐसे में जबकि दूसरे दल अभी तक अपना प्रत्याशी भी तय नहीं कर सके हैं वहीं राघव चढ्डा क्षेत्र में बढ़त बना चुके हैं। माना जा रहा है कि आम आदमी पार्टी इस सीट को लेकर काफी गंभीर है।


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राजनीति किसानों को बड़ा तोहफा देने जा रही मोदी सरकार, नए साल में जय किसान की तैयारी

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नई दिल्ली, सुरेंद्र प्रसाद सिंह। लोकसभा चुनाव से पहले किसानों को लेकर तेज हुई राजनीति के बीच जहां कांग्रेस कर्ज माफी का दांव चलने की तैयारी में है, वहीं सरकार उन रियायतों पर कदम बढ़ाने की तैयारी में है जिसका प्रभाव तत्काल दिखे।

पिछले दस दिन में सरकार लगभग पांच बैठकें कर चुकी है और माना जा रहा है नए साल में किसानों के लिए बड़ी घोषणा हो सकती है। पूर्ण ऋण माफी भी एक विकल्प है लेकिन ज्यादा गंभीरता से मात्र एक रूपये के प्रीमियम पर फसल बीमा योजना और उपज के उचित मूल्य की गारंटी पर विचार हुआ है।

प्रधानमंत्री कार्यालय में बुधवार को देर शाम तक उच्च स्तरीय बैठक चली, जिसमें कई विकल्पों पर विचार किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में वित्त मंत्री अरुण जेटली और कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह के साथ संबंधित विभागों के आला अफसरों ने हिस्सा लिया।

हर फैसले से खजाने पर पड़ने वाले असर को भी देखा गया। सूत्रों के मुताबिक पूर्ण कर्ज माफी में सरकारी खजाने पर 3.25 लाख करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। इस विकल्प के लागू होने की दशा में अर्थ व्यवस्था के संतुलन पर विपरीत असर पड़ने की संभावना है।

दूसरा विकल्प उपज के उचित मूल्य दिलाने की गारंटी वाला है, जिसमें किसानों को उनकी फसल की वाजिब कीमत का भुगतान करना शामिल है। सरकार ने यह फैसला बीते खरीफ सीजन के शुरू होने के पहले ही किया था। खरीफ मार्केटिंग सीजन भी समाप्त होने को है।

न्यूनतम समर्थन मूल्य और बाजार मूल्य के अंतर की भरपाई के लिए सरकार सभी किसानों को प्रति एकड़ के हिसाब से दो हजार रुपये का भुगतान कर सकती है। भुगतान की धनराशि यह आंकड़ा पिछले तीन चार सालों के न्यूनतम समर्थन मूल्य और बाजार मूल्य के अंतर के हिसाब से निकाला गया है। लोकसभा चुनाव के पहले किसानों को इस विकल्प से लाभ देने से सरकारी खजाने पर तकरीबन 50 हजार करोड़ रुपये का बोझ आएगा।

तीसरे विकल्प के मसौदे में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना है, जिसमें मात्र एक रूपये के प्रीमियम पर फसल की बीमा पॉलिसी दी जा सकती है। इस प्रस्ताव से देश के किसानों की खेती जोखिम मुक्त हो जाएगी। फिलहाल इसके वास्तविक प्रीमियम का डेढ़ से पांच फीसद तक देना पड़ता है। नए फैसले से सरकार पर अधिकतम 10 हजार करोड़ रुपये केंद्र और पांच हजार करोड़ रुपये राज्यों को खजाने पर पड़ सकता है।

चौथा प्रस्ताव किसान क्रेडिट कार्ड को लेकर है। फिलहाल एक लाख रुपये के कर्ज पर जमीन बंधक रखनी पड़ती है। नया मसौदा लागू किया गया तो दो लाख तक कर्ज के लिए जमीन गिरवी नहीं रखनी पड़ेगी। इससे किसानों को बैंक से कर्ज लेने में सहूलियत होगी।

पांचवा प्रस्ताव यह है कि किसानों की बढ़ती लागत में कटौती करने के लिहाज से सब्सिडी देने की योजना के तहत प्रत्येक सीजन में प्रति एकड़ के हिसाब से एकमुश्त धनराशि बैंक खाते में जमा कराई जाए। इस तरह की योजना तेलंगाना, उड़ीसा और झारखंड में चलाई जा रही है।

इसमें तेलंगाना सरकार प्रत्येक किसान को हर साल उसके बैंक खाते में 8000 रुपये जमा कराती है। जबकि उड़ीसा में हर साल प्रत्येक परिवार को पांच हजार रुपये देती है। झारखंड में किसानों के हित में चलाई गई योजना में उसके बैंक खाते में 10 हजार रुपये एकमुश्त जमा कराएगी। अगर इस तरह की योजना लागू हुई तो खजाने पर तकरीबन ढाई लाख करोड़ रुपये का भार आएगा।


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राजनीति एम्स के फिजियोथैरेपी विभाग को मिलेगा रोबोट

1 Hour ago

एम्स के फिजियोथैरेपी विभाग को मिलेगा रोबोट

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राजनीति कौन बनेगा CM : गुजरात में स्‍मृति ईरानी और हिमाचल में जेपी नड्डा मुख्‍यमंत्री बनने की रेस में

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नई दिल्ली: गुजरात और हिमाचल प्रदेश में बीजेपी की बहुमत की सरकार बनने के बाद अब दोनों ही राज्यों में मुख्यमंत्री को लेकर माथापच्ची जारी है. इसे लेकर बुधवार शाम बीजेपी संसदीय दल की बैठक होनी है, जहां पीएम मोदी समेत बीजेपी का पूरा थिंक टैंक इस पर चर्चा करेगा.  गुजरात में कम सीटें मिलने के बाद विजय रूपाणी के अलावा दूसरे कई और नामों पर भी चर्चा चल रही है, जिनमें पुरुषोत्तम रूपाला और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का नाम भी आगे रहा है. 

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राजनीति गुजरात चुनाव : नतीजों के बाद कांग्रेस नेता अहमद पटेल का बयान- मैं कभी सीएम नहीं बनना चाहता था

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अहमदाबाद: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल  ने कहा है कि वह कभी गुजरात का सीएम नहीं बनना चाहता था. यह बात उन्होंने एनडीटीवी से खास बातचीत में कही है. गौरतलब है कि चुनाव से पहले इस बात की चर्चा थी कि अगर कांग्रेस गुजरात में जीतती है तो अहमद पटेल इस पद के प्रबल दावेदार हैं. हालांकि उनके नाम के अलावा शक्ति सिंह गोहिल अर्जुन मोढ़वाडिया और सिद्धार्थ पटेल का भी नाम चर्चा में था. लेकिन तीनों ही चुनाव हार गए हैं. 

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