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विदेश जार्ज फर्नांडिस की अंतिम यात्रा में शामिल हुए दिग्‍गज नेता, देखिए तस्‍वीरें

1 Hour ago

दिवंगत जॉर्ज फर्नांडिस का दिल्‍ली में अंतिम संस्‍कार किया गया। केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह भी इसमें शामिल हुए।

जार्ज फर्नांडिस की अंतिम यात्रा में शामिल हुए दिग्‍गज नेता, देखिए तस्‍वीरें
जार्ज फर्नांडिस की अंतिम यात्रा में शामिल हुए दिग्‍गज नेता, देखिए तस्‍वीरें

दिल्‍ली में जार्ज फर्नांडिस की अंतिम यात्रा में शामिल हुए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह।

जार्ज फर्नांडिस की अंतिम यात्रा में शामिल हुए दिग्‍गज नेता, देखिए तस्‍वीरें
जार्ज फर्नांडिस की अंतिम यात्रा में शामिल हुए दिग्‍गज नेता, देखिए तस्‍वीरें

दिल्‍ली में जार्ज फर्नांडिस की अंतिम यात्रा में शामिल हुए बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार काफी भावुक दिखे।

जार्ज फर्नांडिस की अंतिम यात्रा में शामिल हुए दिग्‍गज नेता, देखिए तस्‍वीरें
जार्ज फर्नांडिस की अंतिम यात्रा में शामिल हुए दिग्‍गज नेता, देखिए तस्‍वीरें

दिल्‍ली में जार्ज फर्नांडिस की अंतिम यात्रा में शामिल हुए भाजपा के वरिष्‍ठ नेता लाल कृष्‍ण आडवाणी।

जार्ज फर्नांडिस की अंतिम यात्रा में शामिल हुए दिग्‍गज नेता, देखिए तस्‍वीरें
जार्ज फर्नांडिस की अंतिम यात्रा में शामिल हुए दिग्‍गज नेता, देखिए तस्‍वीरें

दिल्‍ली में जार्ज फर्नांडिस की अंतिम यात्रा में शामिल हुए केंद्रीय मंत्री डॉक्‍टर हर्षवर्धन।


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विदेश आप जाना चाहेंगे ओरोरा होटल, जहां से एक दिन में दिखाई देगा 16 बार सूर्योदय!

1 Hour ago

अगर कोई आपसे पूछे कि क्‍या दिन में दो बार सूर्योदय होते देखा है तो आप शायद उसको पागल कहेंगे। लेकिन ये पागलपन अब अब कोई कोरी कल्‍पना तक सीमित नहीं रह गया है। सुनने में भले ही ये अटपटा लगे लेकिन भविष्‍य में यह हकीकत बन जाएगा। लेकिन यह हकीकत हर किसी के लिए नहीं होगी। ये हकीकत भी केवल कुछ खास लोगों के लिए होगी, जिसके लिए करोड़ों खर्च करने होंगे। इस घटना को हकीकत बनते अंतरिक्ष से देखा जा सकेगा।

दरअसल, भविष्‍य में अंतरिक्ष यात्रा के लिए तैयार हो रहा है। ऐसे में कुछ कंपनियां अंतरिक्ष में यात्रियों को ले जाने के लिए तैयार हो रही है। लिहाजा अंतरिक्ष में एक ऐसा होटल तैयार किया जा रहा है जहां से यात्री दिन में 16 बार सूर्योदय होते देख सकेंगे। पहली बार इसको लेकर कुछ तस्‍वीरें भी सामने आई हैं। सबसे बड़ी और अहम बात ये है कि यह सपना महज दो साल बाद हकीकत बनकर हमारे सामने आ जाएगा। लेकिन इस सफर पर जाने वालों को करोड़ों रुपये खर्च करने होंगे। इतना खर्च करने के बाद जीरो ग्रेविटी में रहकर यात्री उस अनूठी और अनोखी दुनिया का दीदार कर सकेंगे जो उनके लिए आज तक कोरी कल्‍पना से ज्‍यादा कुछ नहीं है।

अंतरिक्ष के जिस होटल का हम जिक्र कर रहे हैं उसका नाम ओरोरा स्‍टेशन है। अपनी पहली झलक दिखाने वाला यह दुनिया का पहला लग्‍जीरियस स्‍पेस होटल है। इस होटल को ओरियन स्‍पान ने तैयार किया है। यह अमेरिका बेस्‍ड स्‍पेस टेक्‍नॉलिजी स्‍टार्ट-अप प्रोग्राम है।

जहां तक इस लग्‍जरी होटल की बात है तो आपको बता दें कि यह पूरी तरह से मोड्यूलर स्‍पेस स्‍टेशन है जहां भविष्‍य में करीब छह यात्री एक बार में रुक सकेंगे। इसमें दो क्रू मैंबर्स भी होंगे। आपको बता दें कि स्‍पेस में 2022 में पहली बार कोई यात्री दल इस होटल में रुकेगा। इससे पहले मतलब 2021 तक यह स्‍पेस होटल अपनी अनेक खूबियों के साथ शुरू हो जाएगा। इस होटल में यात्री करीब बारह दिन गुजारेंगे। ऑरियन स्‍पान के फाउंडर सीईओ फ्रेंक बंगर के मुताबिक कंपनी अंतरिक्ष को सभी के लिए उपलब्‍ध करवाना चाहती है। आपको जानकर खुशी होगी कि भले ही स्‍पेस ट्रेवल के लिए यात्रियों को शुरुआत में 9.5 मिलियन डॉलर खर्च करने पड़ेंगे, लेकिन कुछ समय बाद इस पर यात्रियों को कम खर्च करने होंगे।

इस बात में कोई शक नहीं है करोड़ों खर्च खर्च करने के बाद यात्रियों को अनूठा अहसास जरूर होगा। लेकिन इस अहसास को पाने के लिए इन यात्रियों को लंबी ट्रेनिंग से गुजरना होगा। इस स्‍पेस होटल में जाने से पहले जीरो ग्रेविटी का अहसास उनका धरती पर ही हाईटेक स्‍पेस लैब में कराया जाएगा। इस स्‍पेस ट्रेवल में करोड़ों खर्च करने के बाद भी हर कोई जा सकेगा यह सोचना भी गलत है। दरअसल, जीरो ग्रेविटी को हर कोई बर्दाश्‍त नहीं कर पाता है। इसके बाद अंतरिक्ष में होने वाला अहसास और वहां पर रहने के तौर-तरीके को सीखने में भी इन यात्रियों को लंबा समय लगेगा। यही वजह है कि इन यात्रियों को करीब दो वर्ष की कड़ी ट्रेनिंग से गुजरना होगा।

इस ट्रेनिंग के बाद यात्री धरती से करीब 200 किमी दूर मौजूद इस आलीशान होटल में रहने का मजा ले सकेंगे। यहां पर रहकर यात्री धरती का अदभुत नजारा ले सकेंगे। यह होटल हर 90 मिनट में धरती के चक्‍कर लगाएगा। यही वजह है कि यात्री यहां पर रहकर 24 घंटे में 16 बार सूर्योदय और इतनी ही बार सूरज को छिपते देख सकेंगे।

आपको यहां पर ये भी बता दें कि यह पूरा स्‍पेस ट्रेवल प्रोग्राम सिर्फ वहां घूमने और धरती के नजारे लेने तक ही सीमित नहीं है। सही मायने में यह पूरा प्रोग्राम एक रिसर्च का हिस्‍सा होगा। यहां पर रहने वाले यात्रियों को हाई स्‍पीड वायरलैस इंटरनेट एक्‍सेस होगा। वह अंतरिक्ष में रहकर लाइव वीडियो चैट कर सकेंगे। धरती पर वापस आने के बाद इनका वेलकम किसी हीरो की तरह ही होगा।

फ्रेंक के मुताबिक इस आलीशान होटल का आकार करीब 12 फीट चौड़ा और 35 फीट लंबा होगा। यह करीब किसी एक प्राइवेट जेट की बराबर के आकार का होगा। इसमें यात्रियों के लिए स्‍लीपिंग पॉड, टॉप क्‍वालिटी का स्‍पेस फूड शामिल होगा। जो यात्री ऑरियन स्‍पान एस्‍ट्रानॉट सर्टिफिकेशन प्रोग्राम को पूरा करेंगे वह इस यात्री इस होटल में जाने के लायक होंगे। आपको बता दें कि ऑरियन की इस टीम के मैंबर वो लोग हैं जो काफी समय से स्‍पेस से जुड़े रहे हैं।


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विदेश घोड़े को मिला ‘ऑस्ट्रेलियन ऑफ द ईयर’ का टाइटल

1 Hour ago

पिछले साल कड़ी मेहनत, धैर्य और ईमानदारी का प्रदर्शन करने के लिए जिसे ऑस्ट्रेलियाई रोल मॉडल चुना गया है, उसके बारे में सुनकर आप हैरान हो जाएंगे। एक ऑस्ट्रेलियाई समाचार पत्र ने फैसला किया है कि इस बार का रोल मॉडल एक घोड़ा है।

द डेली टेलीग्राफ ने गुरुवार को चैंपियन हॉर्स विंक्स (Winx) को "ऑस्ट्रेलियन ऑफ द ईयर" चुना है। यह घोड़ा इन दिनों मॉडल बन चुका है। इस टाइटल को हासिल करने के लिए अखबार ने अपेक्षित गुणों की एक लंबी सूची जारी की थी। इसमें निष्पक्ष खेलने और सभ्याता के ऑस्ट्रेलियाई मूल्य शामिल थे।

सिडनी के अखबार ने कहा कि विंक्स ने दर्जनों रेस जीती हैं और उसके जल्द ही रिटायर होने की उम्मीद है। वह एकमात्र ऑस्ट्रेलियाई है, जिसने "ऑस्ट्रेलियन ऑफ द ईयर" के टाइटल को जीतने के लिए जरूरी सभी मानदंडों को पूरा किया। अखबार ने कहा कि उसे यह सम्मान हल्के ढंग से नहीं दिया गया था।

बताते चलें कि विंक्स साल 2015 से ही बेस्ट घोड़ा है। उसने अभी तक 39 रेस दौड़ी हैं, जिनमें से 33 रेस उसने जीती हैं। इसके लिए वह दो करोड़, 29 लाख 34 हजार 920 डॉलर (करीब 1 अरब 16 करोड़ रुपए) का ईनाम भी जीत चुका है।

यह घोषणा वार्षिक पुरस्कार समारोह से एक दिन पहले की गई है। गौरतलब है कि ऑफिशियल ऑस्ट्रेलियन ऑफ द इयर के नाम की घोषणा 26 जनवरी को ऑस्ट्रेलिया डे की शाम को की जाती है। इस बार इस लिस्ट में आठ लोगों के नाम शामिल हैं।

इसमें रिचर्ड हैरिस भी शामिल हैं, जिन्होंने थाईलैंड की एक गुफा में फंसे 12 बच्चों की जान बचाई थी। इसके अलावा इसमें कई पदक जीतने वाले पैरालम्पियन कर्ट फर्नले और सामाजिक कार्यकर्ता बर्नडेट ब्लैक के नाम भी हैं।


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विदेश गूगल डूडल ने सोवियत के भौतिकविद लेव को ऐसे किया याद

1 Hour ago

वॉशिंगटन। गूगल ने मंगलवार को प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी लेव डेविडोविच लांडौ को उनकी 111 वीं जयंती पर डूडल बनाकर श्रद्धांजलि दी। वह 1962 में भौतिकी में नोबेल पुरस्कार जीतने वाले वैज्ञानिक हैं, जिन्हें सुपरफ्लूडिटी के लिए मैथेमैटिकल थ्योरी के लिए यह सम्मान मिला था। उनका जन्म 22 जनवरी 1908 को अजरबेजान के बाकू में हुआ था।

उनके प्रमुख शोध में इंडिपेंडेंट को-डिस्कवरी ऑफ द डेंसिटी मैट्रिक्स मैथड, क्वांटनम मैकेनिकल थ्योरी ऑफ डायमैग्नेटिज्म, द थ्योरी ऑफ सुपरफ्लूडिटी, द थ्योरी ऑफ सेकंड फेज ट्रांजिशन्स, द थ्योरी ऑफ फर्मी लिक्विड आदि थीं। वह बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे।

उन्होंने 12 साल की उम्र में डिफ्रेंशिएट, 13 साल की उम्र में इंटीग्रेट, जिमनेजिमय में 13 साल की उम्र में ग्रेजुएट किया और 15 साल की उम्र में बाकू स्टेट यूनिवर्सिटी से मैट्रीकुलेटेड किया था। यहां एक साथ वह डिपार्टमेंट ऑफ फिजिक्स और मैथेमेटिक्स व डिपार्टमेंट ऑफ केमेस्ट्री में पढ़ रहे थे।

19 वर्ष की आयु में लेनिनग्राद विश्वविद्यालय के भौतिक विभाग से स्नातक होने के बाद, उन्होंने लेनिनग्राद फिजिको-तकनीकी संस्थान में अपना वैज्ञानिक कैरियर शुरू किया। इसके बाद वह साल 1930 में नील्स बोर्स इंस्टीट्यूट फॉर थ्योरेटिकल फिजिक्स में काम करने के लिए कोपनहेगन गए थे।

वह एक शिक्षित परिवार से संबंध रखते थे। उनके पिता स्थानीय ऑयल इंडस्ट्री में इंजीनियर थे और उनकी मां डॉक्टर थीं। एक कार एक्सीडेंट में लगी चोट के कारण छह साल बाद 60 साल की उम्र में एक अप्रैल 1968 में उनका निधन हो गया था।


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विदेश रूसी तट के पास दो जहाजों में लगी आग, 11 की मौत और नौ नाविक लापता

1 Hour ago

मॉस्को। रूस से क्रीमिया को अलग करने वाले केर्च स्ट्रेट (जलडमरूमध्य) में दो पोतों में आग लग गई। इस हादसे में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि इन पोतों के चालक दल के सदस्यों में भारत, तुर्की और लीबिया के नागरिक शामिल थे। बताते चलें कि केर्च जलडमरूमध्य एक महत्त्वपूर्ण जलमार्ग है, जो रूस और यूक्रेन दोनों के लिए ही सामरिक लिहाज से महत्त्व रखता है।

यह आग रूसी सीमा के जलक्षेत्र के पास सोमवार को लगी थी। दोनों पोतों पर तंजानिया के ध्वज लगे हुए थे। इनमें से एक लिक्विफाइड नैचुरल गैस लेकर जा रहा था, जबकि दूसरा तेल टैंकर था। यह आग तब लगी जब दोनों पोत एक-दूसरे से ईंधन ट्रांसफर कर रहे थे।

रूसी संवाद समिति तास ने समुद्री अधिकारियों के हवाले से बताया कि इनमें से एक पोत कैंडी में चालक दल के 17 सदस्य मौजूद थे, जिनमें नौ तुर्की नागरिक एवं आठ भारतीय नागरिक थे। दूसरे पोत माइस्ट्रो में सात तुर्की नागरिकों, सात भारतीय नागरिकों और लीबिया के एक इंटर्न समेत चालक दल के 15 सदस्य सवार थे।

वहीं, रूसी टेलिविजवन चैनल आरटी न्यूज ने रूसी समुद्री एजेंसी के हवाले से बताया कि कम से कम 11 नाविकों की मौत हुई है। एजेंसी के एक प्रवक्ता ने बताया कि माना जा रहा है कि एक पोत में विस्फोट हुआ और फिर यह आग दूसरे पोत तक फैल गई। बचाव नौकाएं घटनास्थल पर पहुंचाई जा रही थीं।

प्रवक्ता ने बताया कि करीब तीन दर्जन नाविक कूदकर बच निकल पाने में कामयाब हुए। अब तक 12 लोगों को समुद्र से निकाला जा चुका है। वहीं, नौ नाविक अब भी लापता बताए जा रहे हैं। खबर में बताया गया कि मौसम की मुश्किल परिस्थितियों की वजह से बचाव नौकाएं पीड़ितों को इलाज के लिए तट तक नहीं ले जा पा रही हैं।


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विदेश जानिए- 600 से अधिक धमकी मिलने के बाद भी डटकर खड़ी इस भारतीय युवती के बारे में

1 Hour ago

तृप्ति देसाई देश में महिला अधिकारों की बुलंद आवाज बन गई हैं। बुलंद इतनी कि हर चुनौती जिसके आगे नतमस्तक हो जाए। हौसले और विश्वास से भरी हुई तृप्ति देसाई ने सोमवार को दैनिक जागरण से कहा, हमारे संविधान को बने 70 साल होने जा रहे हैं, लेकिन आज भी हमें (महिलाओं को) समानता के मौलिक अधिकार के लिए इस तरह भीषण संघर्ष करना पड़ रहा है। यह लोकतंत्र के लिए चिंतनीय है। हम सभी को इस बारे में अवश्य सोचना चाहिए।  शनि शिंगणापुर, त्र्यंबकेश्वर, कपालेश्वर, महालक्ष्मी, सबरीमालामंदिर और हाजी अली दरगाह सहित उपासना के ऐसे बड़े केंद्रों में जहां महिलाओं को प्रवेश और पूजा का ‘बराबरी’ का हक नहीं था, तृप्ति देसाई महिलाओं की आवाज बनीं। जानलेवा हमले हुए, जमकर विरोध हुआ, लेकिन महिलाओं के इस विशेष अधिकार के लिए कारगर लड़ाई लड़ी। ‘भूमाता रणरंगिणी ब्रिगेड’ की अध्यक्षा पुणे निवासी तृप्ति देसाई ने ‘दैनिक जागरण’ को दिए विशेष साक्षात्कार में इस गंभीर मसले पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि लड़ाई इसी तरह जारी रहेगी, जब तक कि समानता का अधिकार हर स्तर पर हमें नहीं मिल जाता है।

‘मातृ शक्ति’ अपवित्र कैसे
तृप्ति ने कहा, संविधान में उपासना का अधिकार सभी को समान रूप से प्राप्त है। तब धार्मिक कट्टरपंथ को तय करना ही होगा, स्वघोषित यह पुरुषवादी कट्टरता बड़ी है या भारतीय संविधान? यह धार्मिक मसला कतई नहीं है क्योंकि किसी भी धर्म में महिलाओं को दोयम दर्जे का नहीं माना गया है। हिंदू धर्म में तो नारी का स्थान सर्वोच्च है। वह मातृ शक्ति और शक्ति स्वरूपा मानी गई है। उसे अद्र्धांगिनी कहा गया है। यानी बराबरी की हकदार। फिर ये दोयम दर्जा किसने, कब, और क्यों तय कर दिया? हमें यह गंभीरता से सोचना होगा। मुझे हंसी आती है कि जिनका जन्म महिलाओं के गर्भ से होता है, वे पुरुष ही उसे अपवित्र ठहरा रहे हैं। कट्टरपंथी पुरुषों की यह मानसिकता बदलनी चाहिए। हम इसे बदल कर रहेंगे। मुझे जान से मारने की बहुत धमकियां मिल चुकी हैं, लेकिन मैं डरने वाली नहीं हूं। हमारा संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक समानता का हर अधिकार हमें समाज से प्राप्त नहीं हो जाता है।

अंजाम क्या होगा
तृप्ति ने कहा, हर स्तर पर बराबरी का हक, यही इस लड़ाई का अंजाम होगा। रूढ़िवादी सोच का अंत होना चाहिए। हमने इसी पर प्रहार किया, लिहाजा हमारा विरोध होना लाजिमी था। हम सदियों पुरानी धार्मिक कुरीति को खत्म करने पर आमादा हैं। शनि शिंगणापुर में हमने 400 साल पुरानी परंपरा तोड़ी। आज लाखों महिलाएं इस मंदिर में पूजा कर पा रही हैं। हाजी अली दरगाह में भी यही हुआ। त्र्यंबकेश्वर, कपालेश्वर, महालक्ष्मी और सबरीमाला मंदिर में भी राह बनी। यह हमारे आंदोलन की अब तक की बड़ी सफलता रही है। हमने महिला अधिकारों को हिंदू-मुस्लिम में नहीं बांटा।

चुनौती किस रूप में है
पुरुषवादी धार्मिक कट्टरपंथ ही एकमात्र चुनौती है। इसी सोच ने महिलाओं को दोयम दर्जा दिया। आज जब हम इस सोच पर प्रहार कर रहे हैं तो ये कट्टरपंथी महिलाओं को ही आगे कर हमें रोकना चाहते हैं। उनकी योजना है कि महिलाओं के विरोध में महिलाओं को ही खड़ा कर दिया जाए तो यह आंदोलन अपनी धार खो देगा। लेकिन हम ऐसा होने नहीं देंगे। देश में संविधान सर्वोच्च सत्ता है, जो महिला- पुरुषों को समानता से देखता है। मेरा सवाल है कि 1000 साल पुरानी गलत परंपराएं आज 21वीं सदी में भी क्यों ढोई जा रही हैं। आज जब महिला कंधे से कंधा मिलाकर आर्थिक क्षेत्र में पुरुष की बराबरी कर रही है तो धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में उससे दोयम दर्जे का व्यवहार हमें मान्य नहीं है। यह सोच बदलनी चाहिए।

राजनीतिक महत्वाकांक्षा और पब्लिसिटी के आरोप क्यों
तृप्ति ने स्पष्ट किया, मेरा राजनीति में आने का कोई इरादा फिलहाल नहीं है। जो मुहिम मैंने शुरू की है, उसे अंजाम पर पहुंचाना ही एकमात्र मकसद है। शनि शिंगणापुर और हाजी अली में महाराष्ट्र की भाजपा सरकार ने हमारी बात सुनी, लेकिन सबरीमाला में भाजपा पक्ष में नहीं दिखी पर हमने सबरीमाला के लिए लड़ाई जारी रखी। लिहाजा मुझ पर किसी पार्टी या राजनीतिक विचारधारा का ठप्पा नहीं लगाया जा सकता है। हां, देश की महिलाएं हमारे समर्थन में आ रही हैं, उनके परिवार और समाज का बड़ा हिस्सा हमसे सहमत है। यही अब तक की कामयाबी है। सिलसिला यूं ही चलता रहेगा।

धमकियों पर रिपोर्ट क्यों नहीं
तृप्ति ने कहा, नवंबर से लेकर अब तक मुझे सोशल मीडिया पर खुलेआम जान से मारने की 600 से अधिक धमकियां मिल चुकी हैं। इससे पहले मुझ पर दो बार जानलेवा हमला भी हुआ। लेकिन मैं शिकायत नहीं कराना चाहती क्योंकि मैं इस विरोध को समझती हूं। जो पहले सख्त विरोध में थे, आज ऐसे अनेक पुरुष पत्नी सहित शनि शिंगणापुर में दर्शन करने जा रहे हैं। आज वे मुझसे पूरी तरह सहमत हैं। मुझे धन्यवाद देते हैं, इसलिए मैं शिकायत नहीं करना चाहती बल्कि सोच बदलना चाहती हूं।

बन गईं बुलंद आवाज
तृप्ति देसाई ने सबरीमाला के अलावा मुंबई स्थित हाजी अली दरगाह, महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर, नासिक के त्र्यंबकेश्वर, कोल्हापुर के महालक्ष्मी और कपालेश्वर और मंदिरों के द्वार महिलाओं के लिए खुलवा दिए। 2010 में महिलाओं के हक के लिए पुणे में ‘भूमाता रणरंगिणी ब्रिगेड’ की स्थापना करने वाली तृप्ति ने इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा। धार्मिक स्थलों पर महिलाओं को बराबरी का दर्जा दिलाने के लिए उन्होंने सक्रिय मुहिम छेड़ दी। हैरतअंगेज साबित होने वाली यह मुहिम अंतत: कारगर साबित होती दिखी। कई जगहों पर महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक हटती गई। आज उनकी इस ब्रिगेड 5000 से ज्यादा महिलाएं जुड़ी हुई हैं। सबरीमाला मंदिर में भी महिलाओं को प्रवेश करने और पूजा करने की अनुमति मिलने के पीछे सबसे अहम योगदान तृप्ति देसाई का रहा।

  • नवंबर में सबरीमाला मंदिर में प्रवेश करने भी पहुंचीं थीं, हवाईअड्डे पर ही रोक दिया गया
  •  तब से मिल रहीं जान से मारने की धमकियां
  • फेसबुक पर खुलेआम
  • मिलीं ऐसी 600 से अधिक धमकियां
  •  नासिक में हुआ था जानलेवा हमला, बाल-बाल बचीं
  •  कोल्हापुर में भी झेला हमला 
  • घातक चोटें आईं, आइसीयू में रहीं भर्ती
  •  अनेक बार मारपीट का सामना भी किया

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विदेश दिल्ली में घुसे LeT-हिजबुल के 6 खूंखार आतंकी, जानिए- और कौन से शहर हैं निशाने पर

1 Hour ago

गणतंत्र दिवस (Republic Day) से पहले इंटेलिजेंस एजेंसियों (Intelligence agency) ने देश की राजधानी दिल्ली और कर्नाटक की राजधानी बेेंगलुरु में बड़े आतंकी हमले की आशंका जताई है। खुफिया एजेंसियों से यह भी इनपुट मिला है दिल्ली और बेंगलुरु के भीड़ बाजारों और इलेक्ट्रॉनिक्स आइट्म के बाजारों में यह हमला हो सकता है। यह अलर्ट ऐसे समय में आया है कि जब दिल्ली में गणतंत्र दिवस की परेड में सिर्फ चार दिन शेष हैं।

दिल्ली में घुसे लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी
खुफिया एजेंसियों ने दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में कुछ आतंकियों के घुसने की आशंका जताई है। इनपुट मिला है कि इन आतंकियों की संख्या 5 से 6 हो सकती है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ये सभी आतंकी लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिद्दीन के हैं। शक है कि इनके पास कुछ विस्फोटक सामग्री भी हो सकती है और ये दिल्ली और इसके आसपास किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। 

फिदायीन हमला कर सकते हैं आतंकी
पुलिस को जो इनपुट मिला है, उसके मुताबिक दिल्ली में घुसे आतंकी लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिद्दीन के हैं। शक है कि इनके पास कुछ विस्फोटक सामग्री भी हो सकती है। यह भी आशंका जताई गई है कि ये आतंकी दिल्ली के भीड़ भाड़ भरे बाजारों में फिदायीन (आत्मघाती) हमले कर सकते हैं। 

दिल्ली व बेंगलुरु के भीड़ भरे बाजारों में चौकसी तेज
आतंकियों के घुसने का इनपुट मिलने के बाद दिल्ली के भीड़भाड़ वाले स्थानों और बाजारों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इतना ही नहीं, बस अड्डा आइएसबीटी, रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन और इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर अलर्ट घोषित किया गया है।

मंदिर, मस्जिद और मॉल्स में खास सुरक्षा
किसी तरह का जोखिम नहीं उठाते हुए बेंगलुरु और दिल्ली के मॉल्स, मल्टीप्लेक्स और मंदिरों-मस्जिदो में भी सुरक्षा बढ़ा दिया गया है। मॉल प्रबंधकों, मंदिर व मस्जिद की कार्यकारिणी के सदस्यों को भी खास सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। 

दिल्ली पुलिस पूरी तरह अलर्ट पर
दिल्ली के 15 जिलों के डीसीपी को निर्देश दिए गए हैं कि 26 जनवरी तक हर रात इलाकों में अधिक से अधिक गश्त की जाए। एसएचओ और अन्य लोकल पुलिसकर्मी भी चौकसी पर अधिक ध्यान दें।  

निशाने पर हो सकते हैं भीड़ भाड़ भरे बाजार
आइबी से आए इनपुट के बाद दिल्ली पुलिस ने लोगों से भी गुजारिश की है कि आवश्यक नहीं हो तो भीड़भाड़ भरे बाजारों में जानें से बचें। खासकर चांदनी चौक जैसे भीड़ भाड़ वाले इलाके में जाने से बचें। 

50000 जवान दिल्ली में चप्पे-चप्पे पर होंगे तैनात
गणतंत्र दिवस की खुशी में कोई खलल न पड़े, इसके लिए दिल्ली पुलिस के साथ सुरक्षा एजेंसियां दिन-रात काम कर रही हैं। राजधानी दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए इसे 28 सेक्टरों में बांटा गया है और प्रत्येक सेक्टर की जिम्मेदारी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी गई है। सिर्फ विजय चौक से लाल किले तक ही 600 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, ताकि परिंदा भी बिना इजाजत पर न फड़फड़ा सके। राजधानी के हर हिस्से की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 50 हजार पुलिस और सुरक्षा बल के जवानों की तैनाती की गई है।

दिल्ली पुलिस प्रवक्ता मधुर वर्मा के मुताबिक, नई दिल्ली इलाके में खास चौकसी बरती जा रही है। दिल्ली के सभी प्रमुख बाजारों, रेलवे-मेट्रो स्टेशनों, एयरपोर्ट, बस अड्डा, ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों सहित भीड़भाड़ वाले इलाके में सुरक्षा के चाक-चौबंद बंदोबस्त कर लिए गए हैं। कई महत्वपूर्ण स्थलों को सुरक्षा सेना ने अपने जिम्मे ले ली है। बॉर्डर सहित अन्य प्रमुख स्थलों पर चौकसी बढ़ा दी गई है। वीवीआइपी मूवमेंट के तहत भी वृहद स्तर पर यातायात प्रबंधन किया गया है। इसके साथ ही सुरक्षा के प्रति अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने के लिए पुलिस उद्घोषणा करने के साथ ही पुलिस-पब्लिक मीटिंग भी कर रही है।

दिल्ली पुलिस समेत आसपास के राज्यों की कई बार समन्वय बैठकें हो चुकी हैं। सड़कों पर वाहनों की लगातार जांच की जा रही है। संदिग्धों पर लगातार नजर है। यहां सबसे अधिक सुरक्षा 26 जनवरी को ऐतिहासिक राजपथ पर मुख्य आयोजन होगा। वहीं, परेड विजय चौक से शुरू होकर लाल किले तक जाएगी। इसके तहत मुख्य आयोजन स्थल इंडिया गेट और परेड गुजरने वाले मुख्य मार्गो सहित नई दिल्ली एरिया में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं।

राजपथ-इंडिया गेट व आसपास के इलाके की सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा योजना तैयार की गई है। अंदर की सुरक्षा का जिम्मा जहां एसपीजी और एनएसजी पर होगा वहीं, बाहर से दिल्ली पुलिस उन्हें मदद करेगी। परेड गुजरने वाले प्रमुख मार्ग व ऊंची इमारतों पर शार्प शूटर तैनात किए जाएंगे, ताकि दहशतगर्दों को उनके मंसूबे में कामयाब होने से पहले ही उन्हें उनके अंजाम तक पहुंचा दिया जाए। हवाई हमले को नाकाम करने के लिए एंडी एयरक्राफ्ट गन से पहरा किया जा रहा है। प्रमुख स्थलों पर लाइट मशीनगन से लैस कर्मियों को मुस्तैद किया गया है।

खुफिया सूत्रों ने किया है आगाह
खुफिया सूत्रों ने आगाह किया है कि गणतंत्र दिवस के दौरान कुछ आतंकी संगठन दहशत फैलाने वाली गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में हैं। वे दिल्ली के भीड़भाड़ वाले बाजार सहित मेट्रो स्टेशन, एयरपोर्ट अथवा धार्मिक व ऐतिहासिक स्थलों को निशाना बनाने की साजिश रच रहे हैं। इस सूचना के बाद दिल्ली को अलर्ट पर रखा गया है।

एयरपोर्ट पर खास सुरक्षा
एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता कर दी गई है। यहां क्यूआरटी लगातार गश्त कर रही है जबकि सिटी साइड में अतिरिक्त कमांडो तैनात किए गए हैं। विस्फोटक व संदिग्ध चीजों की पहचान के लिए डॉग स्क्वायड सक्रिय है। मेट्रो पर हर पल नजर मेट्रो की सुरक्षा में वहां तैनात छह हजार सुरक्षा कर्मियों के अलावे चार अतिरिक्त कंपनिया लगाई गई हैं। सुरक्षा के तहत यात्रियों की दोबारा जांच के अलावा मशीन के बाद सामान की मैनुअली जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। पार्किंग स्थलों की जांच के निर्देश पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक ने सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने इलाके में सभी पार्किंग स्थलों की नियमित जांच करें। होटलों व गेस्ट हाउसों में ठहरने वालों पर नजर रखें। पुलिस सत्यापन में कोताही न बरतें।

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विदेश वैज्ञानिक डॉ. सुब्रह्मण्यम ने कहा, राफेल से बेहतर कोई फाइटर प्लेन नहीं

1 Hour ago

राफेल लड़ाकू विमान पर राजनीति थमने का नाम नहीं ले रही है। इस बीच इसरो से सेवानिवृत्त वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नागास्वामी शिवा सुब्रह्मण्यम ने कहा कि राफेल से बेहतर कोई फाइटर प्लेन नहीं है। राफेल की उपयोगिता पर सवाल उठाना ठीक नहीं।

डॉ. शिवा सुब्रह्मण्यम सोमवार को भोपाल प्रवास के दौरान मीडिया से बात कर रहे थे। बता दें कि डॉ. शिवा सुब्रह्मण्यम उन वैज्ञानिकों में हैं, जिन्होंने न सिर्फ पोखरण के परमाणु विस्फोट के दौरान पूर्व राष्ट्रपति स्व. डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की टीम में काम किया था, बल्कि नासा जैसी दुनिया की शीर्ष संस्था ने भी उनके सुझाव मानकर उनको सम्मान दिया। वे निजी प्रवास पर भोपाल आए थे।

उन्‍होंने कहा कि फाइटर प्लेन की दुनिया की सर्वश्रेष्ठ तकनीक जिन देशों के पास है, उनमें फ्रांस शामिल है। ऐसे में रफाल की तकनीक या उपयोगिता पर प्रश्न चिन्ह लगाना ठीक नहीं। कीमत के सवाल पर कहा कि अमेरिका और रूस भी ये प्लेन बनाते हैं पर रफाल की गुणवत्ता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता है। उन्होंने डॉ. कलाम के बारे में कहा कि वे हमेशा सिर्फ बेस्ट ही चुनते थे। भारत के बारे में डॉ. शिवा सुब्रह्मण्यम ने कहा कि अब हमारा देश गरीब नहीं है।

तिरंगे के रंग में रंगकर अंतरिक्ष भेजा यान 
डॉ. सुब्रह्मण्यम ने कहा कि हमने पीएसएलवी में एक ऐसा प्रयोग किया था कि यान को तिरंगे के रंग में रंगकर अंतरिक्ष में भेजा गया था। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में रंग भेजना नामुमकिन होता है पर हमारे द्वारा किया यह प्रयोग सफल रहा था।

मोदी सरकार की सराहना 
मोदी सरकार की सराहना करते हुए वरिष्ठ वैज्ञानिक ने कहा कि गगन यान प्रोजेक्ट लंबे समय से पेंडिंग था, लेकिन मोदी सरकार ने इस दस हजार करोड़ के प्रोजेक्ट को मंजूर कर ऐतिहासिक काम किया है।


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विदेश कुंभ मेला 2019: साधु-संतों की माला भी कराती है उनकी पहचान

1 Hour ago

कुंभ में आए साधु-संतों में माला का भी विशेष महत्व है। अलग-अलग मत, पंथ और संप्रदाय के साधु-संत अलग-अलग तरह की माला पहनते हैं। वैष्णव संप्रदाय में अधिकांश महात्मा जहां तुलसी की माला पहनते हैं, वहीं शैव संप्रदाय के संत-महात्मा रुद्राक्ष की माला धारण करते हैं। उदासीन अखाड़े के संतों में माला की कोई बाध्यता नहीं है। अखाड़ा या उपसंप्रदाय के साधु-संत भी अपनी तरह से माला धारण करते हैं। नागा संन्यासी नियमित रूप से गेंदे की माला धारण करते हैं। साधु-संत कमंडल, चिमटा और त्रिशूल भी साथ रखते हैं।


कुंभ मेला में विभिन्न संप्रदाय के साधु-संत अलग-अलग तरह की मालाएं धारण किए नजर आ रहे हैं। मत, पंथ और संप्रदाय के हिसाब से इनकी महत्ता है। वैष्णव संप्रदाय में तुलसी और शैव संप्रदाय में रुद्राक्ष की माला चलती है। वहीं कई ऐसे साधु-संत हैं जो सोने में जड़े रुद्राक्ष की माला धारण किए हुए हैं। वहीं कुछ स्फटिक की माला पहने हैं। इन सबसे अलग ज्यादातर नागा संन्यासी नियमित रूप से गेंदे की माला पहन रहे हैं। कुछ ऐसे भी हैं जो गले और सिर में रुद्राक्ष की ढेर सारी माला धारण किए हुए हैं। इसके साथ साधु-संतों में कमंडल, त्रिशूल या चिमटा भी साथ रखने की परंपरा है। धातु और लौकी के कमंडल का उपयोग भी साधु करते हैं। नागा साधुओं को योद्धा भी माना जाता है। कई साधु शस्त्र के रूप में तलवार, त्रिशूल, फरसा साथ रखते हैं।

महानिर्वाणी अखाड़े से जुड़े स्वामी डॉ.बृजेश शास्त्री कहते हैं कि वैष्णव मंत्रों के जप के लिए तुलसी की माला श्रेष्ठ मानी गई है। गणोश जी के मंत्र के लिए हाथी दांत की माला का विधान है सो कई महात्मा हाथी दांत की भी माला धारण करते हैं। बताया कि त्रिपुर सुंदरी की मंत्र साधना के लिए रक्त चंदन अथवा रुद्राक्ष को श्रेष्ठ माना जाता है।

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विदेश सिर्फ ब्राह्मण ही नहीं अब हर जाति के होंगे पंडित जी, यहां मिल रही ट्रेनिंग

1 Hour ago

घर में पूजा हो या मंदिर में, एक अदद पुजारी पहली जरूरत होते हैं। शहर हों या गांव, पुजारियों की किल्लत से सभी परेशान हैं। मंदिरों में आरती की दिक्कत है तो विशेष तिथियों और पूजा के दिनों में पंडितों की मारामारी। इस बदलते दौर में ब्राह्मणों की नई पीढ़ी पूजा पाठ में रुचि न लेकर नौकरी में ज्यादा रुचि दिखा रही है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने इस समस्या के समाधान की ओर कदम उठाया है। विहिप पुजारियों और कर्मकांडियों की बड़ी कतार खड़ी करने में जुटी है। इसमें ब्राह्मण समेत सभी वर्गों के लोग शामिल हैं।

समाज में किसी को कोई आपत्ति न हो इसकी मुकम्मल तैयारी की गई है। शंकराचार्यों एवं साधु संतों से इसकी अनुमति ली गई है। ब्राह्मण समाज के लोगों से भी चर्चा हुई थी। झारखंड से शुरू हुई पहल आने वाले दिनों में देश के अन्य हिस्सों में भी असर दिखाएगी। उम्मीद की जानी चाहिए कि अब मंदिरों के घंटे समय से गूंजेंगे, आपको पूजा-पाठ और कर्मकांड के लिए प्रशिक्षित पंडितों की किल्लत से भी नहीं जूझना होगा। पिछले दिनों रांची में पूरे झारखंड से हर वर्ग से आए 50 से अधिक लोगों को पुजारी का प्रशिक्षण दिया गया। कोशिश है कि मंदिरों में पूजा पाठ न रुके और जो लोग पूजा कराते हैं वे भी बेहतर तरीके से पूजा कराएं।

समस्या से निदान की पहल
विश्व हिंदू परिषद के झारखंड-बिहार के क्षेत्रीय संगठन मंत्री केशव राजू ने कहा कि गांवों में पुजारियों की काफी कमी हो गई है। अब तक ब्राह्मण परिवार के लोग ही पूजा कराते थे। लेकिन धीरे-धीरे पूजा कराने का काम ये छोड़ते जा रहे हैं। या तो लोग नौकरी में चले गए या शहरों की ओर रुख कर लिया। इससे गांवों के मंदिरों में आरती करने वाले भी नहीं मिल रहे। मंदिर में गलत लोगों का जमावड़ा हो रहा है। इस समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए विहिप ने पहल की है। समाज में समरसता आए भी इसका बड़ा उद्देश्य है।

सबसे बात कर बनी सहमति
केशव राजू ने कहा कि काम आसान नहीं था। विहिप ने ब्राह्मण समाज के लोगों से बातचीत की। उनका समर्थन लिया। मैंने स्वयं श्रृंगेरी पीठाधीश, पेजावर स्वामी, वासुदेवानंद सरस्वती आदि से बातचीत की। कांची पीठ के तत्कालीन शंकराचार्य स्वर्गीय जयेंद्र सरस्वती ने भी इसका समर्थन किया था। उन्होंने मेरी बात पर सहमति जताते हुए माना की गांवों में ब्राह्मण वर्ग में पुजारियों की कमी हो रही है।

अब हर वर्ग में पुजारी तैयार किया जा सकता है। उसके बाद पूजा कराने की पद्धति के लिए प्रशिक्षण देने का काम शुरू किया गया। पिछले दिनों रांची के जगन्नाथपुर मंदिर परिसर में ही इसकी व्यवस्था की गई। उसी मंदिर के मुख्य पुजारी ने प्रशिक्षण देने का काम किया। इसके लिए एक पुस्तक तैयार की गई है। पलामू के 50 गांवों से यह अभियान शुरू हो चुका है।

25 जगह विहिप की वेदशाला
केशव राजू ने कहा कि विहिप पूरे देश में काशी सहित 25 स्थानों पर वेदशाला चला रही है। यहां निशुल्क वेदों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। समाज के हर वर्ग के लोग पढ़ रहे हैं। इसके लिए विहिप ने अखिल भारतीय संस्कृत विभाग की स्थापना की है, जिसके प्रमुख राधाकृष्ण हैं। राजू ने कहा कि यदि सरकार मंदिरों के पुजारियों को मानदेय देना शुरू करती है तब समाज के और लोग भी आगे आएंगे। विहिप चाहता है कि देश के हर मंदिर में नियमित रूप से साफ-सफाई व आरती हो। इसमें समाज के हर वर्ग के लोगों को पहल करनी चाहिए।

ट्रेनिंग शुरू
झारखंड विहिप के उपाध्यक्ष चंद्रकांत रायपत ने कहा, सभी वर्ग के लोगों को पूजा पाठ का प्रशिक्षण देने का काम शुरू हो गया है। जो लोग पहले से पूजा कराते आए हैं उन्हें भी सिखाया जा रहा है कि कैसे दोष रहित पूजा हो। आने वाले समय में एक हजार से अधिक लोगों को इससे जोड़ने की तैयारी अंतिम चरण में है।

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विदेश लद्दाख में बर्फीले तूफान का तांडव: 10 लोग बर्फ में दबे, 4 शव निकले गए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

1 Hour ago

जम्मू-कश्मीर के लद्दाख में बर्फीले तूफान और हिमस्‍खलन से खारदूंगला दर्रे के पास कई वाहन बर्फ के नीचे दब गए हैं। बताया जा रहा है कि बर्फ के नीचे कई लोग फंसे हुए हैं। सेना और पुलिस ने राहत और बचाव काम में जुटी हुई है। इस हिमस्‍खलन में अभी तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है। चार लोगों के शव बर्फ से निकाले जा चुके हैं। मरने वालों की संख्‍या में इजाफे की आशंका जताई जा रही है, क्‍योंकि हिमस्‍खलन को काफी समय बीत चुका है। बर्फ के नीचे अब भी 6 लोग दबे बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश जारी है।

सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के एक अधिकारी ने कहा कि वाहन सुबह 7 बजे हिमस्खलन की चपेट में आए थे। उन्होंने कहा कि बीआरओ ने बर्फ के नीचे फंसे लोगों को बचाने के लिए तुरंत अपने जवानों और मशीनरी को लगा दिया। सेना और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमें भी बचाव अभियान में जुटी हुई हैं।

बता दें कि लद्दाख में बर्फ का पहाड़ खिसकने के बाद कई वाहन उसकी चपेट में आ गए। ये वाहन बर्फ के नीचे दब गए। घटना की जानकारी मिलने ही भारतीय सेना की टीम घटनास्थल पर पहुंची और राहत व बचाव अभियान शुरू किया। हालांकि यहां मौसम लगातार बदल रहा है। इसकी वजह से राहत और बचाव काम में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

जम्‍मू-कश्‍मीर में इन दिनों पारा काफी नीचे चला गया है। घाटी बर्फ की चार से ढक गई है। लद्दाख में तो सफेद बर्फ के अलावा कुछ नजर ही नहीं आ रहा है। लोगों को अपने घरों से निकलने से पहले भी दस बार सोचना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने कश्मीर घाटी और हिमाचल प्रदेश में अगले दो दिन में जमकर बर्फबारी जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है। ऐसे में आने वाले समय में हालात और खराब हो सकते हैं।

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विदेश Vibrant Gujarat Summit 2019: पीएम मोदी बोले, हमने वर्ल्ड बैंक की डूइंग बिजनेस रिपोर्ट की ग्लोबल रैंकिंग में लगाई छलांग

1 Hour ago

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वाइब्रेंट गुजरात समिट 2019 का आगाज किया।पीएम मोदी ने कहा कि पिछले चार साल में हमने वर्ल्ड बैंक की डूइंग बिजनेस रिपोर्ट की ग्लोबल रैंकिंग में 65 स्थानों की छलांग लगाई, लेकिन हम अभी भी संतुष्ट नहीं हैं। मैंने अपनी टीम को और अधिक मेहनत करने के लिए कहा है, ताकि भारत अगले साल शीर्ष 50 में रहे। उनके मुताबिक, हमारी सरकार के पूरे कार्यकाल के दौरान 7.3 फीसद की औसत जीडीपी दर 1991 के बाद से किसी भी भारतीय सरकार के दौरान सबसे अधिक है, वहीं, महंगाई की औसत दर भी 4.6 फीसद है, जो 1991 के बाद किसी भी भारतीय सरकार के दौरान सबसे कम है।

इस समिट में दुनिया के सवा सौ देशों के राजदूत, प्रतिनिधियों ने शिरकत की है। इस समिट में नए भारत के निर्माण में सहभागी बनने की इच्छा जताई गई है। नौवें वाइब्रेंट गुजरात महोत्सव में इस बार 15 देश कंट्री पार्टनर बने हैं। दुनिया के नामी उद्यमियों सहित भारत के रिलायंस, अदाणी, महिंद्रा आदि औद्योगिक समूहों ने भारत के आर्थिक विकास की गति में भागीदार बनने के साथ गुजरात में निवेश की विविध संभावनाओं के प्रति संकल्प जताया।

सीएम रूपाणी ने किया उद्योगपतियों का स्वागत
मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने गुजरात के विकास में भागीदार होने को वाइब्रेंट गुजरात समिट 2019 में आए देश व दुनिया के उद्यमियों का स्वागत करते हुए कहा कि गुजरात जैसे इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली राज्य में निवेश के लिए विश्वास जताने के लिए धन्यवाद। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का नए भारत के निर्माण के संकल्प के प्रति आभार जताया।

इससे पहले उन्होंने जर्मनी की कंपनी बीएसएफ के चैयरमेन डॉ मार्टिन के साथ वनटूवन मुलाकात की, जिसमें जर्मनी ने मुद्रा में 16000 करोड़ की लागत से देश के पहले ग्रीन एक्रीलिक वैलयूचैन कॉम्पलेक्स की स्थापना का एमओयू किया। नॉर्वे के भारत स्थित राजदूत निल्स रेगनर कामस्वेगे पहली बार वाइब्रेंट गुजरात के कंट्री पार्टनर के रूप में शामिल हुए हैं। नॉर्वे गुजरात में हेल्थकेयर तथा मरीन सेक्टर की विशेषज्ञता व तकनीक को साझा करेगा। वे एडवांस सॉल्युशन फॉर पोर्ट एंड वेसल्स ट्रैफिक मैनेजमेंट, एडल्वांस हेल्थकेयर के क्षेत्र में कई उद्योग जगत के साथ मिलकर काम करेगा।

रूपाणी ने चाइना के काउंसिल फॉमर प्रमोशन ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड के उपाध्यक्ष झेंग शेनफेंग से मुलाकात कर गुजरात में उद्योग निवेश लाने की गुजारिश की। चीन दुनिया की एक मजबूत इकोनॉमी होने के साथ विशाल आबादी वाला देश है, इसलिए रूपाणी ने चाइना से गुजरात में उद्योग व निवेश एंबेसडर नियुक्त किए जाने की बात कही। रूपाणी ने ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथवेल्स के गवर्नर डेविड हलरे से मुलाकात की। इस दौरान डिफेंस, एजुकेशन व एग्रीकल्चर के साथ आधारभूत ढांचे को सुद्रढ बनाने के लिए साथ मिलकर काम करने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।

मुकेश अंबानी ने कही ये बात 
रिलायंस समूह के अध्यक्ष मुकेश अंबानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सन ऑफ गुजरात, प्राइड ऑफ गुजरात बताया। उन्होंने कहा कि गौतम अदाणी की तरह मुझे भी राज्य के सभी नौ वाइब्रेंट गुजरात निवेशक सम्मेलन में शामिल होने का सौभाग्य मिला है। मोदी विजनरी लीडर, उनके नेत्रत्व में भारत तेजी से विकास करने वाली अर्थव्यवस्था बनी है। गुजरात रिलायंस की जन्मभूमि है। दुनिया में हमारे लिए भारत पहले और भारत में गुजरात पहले के संकल्प के साथ रिलायंस काम कर रहा है। गुजरात में वितरण चैन, मेरे छह करोड़ गुजरातियों का सपना ही मेरा सपना है। दुनिया मे गुजरात सबसे प्रोस्पेरस स्टेट है। ऊर्जा, रिवॉल्श्नरी पावर, इमर्जिंग आईटी रिलायंस गुजरात में पांच क्षेत्र में काम कर रहा है, जियो ने गुजरात को पुरी तरह डिजिटल बनाया, गुजरात शॉ पीस, जियो 4 जी नेट कनेकट,हर स्कूल, कॉलेज, हॉस्पिटल व गांवों को डिजिटल बनाया है।

अब वर्ल्ड क्लास मॉस्ट अफोडेबल तकनीक के साथ प्रमोटिंग रिल्युएबल एनजी, डिजीटल एम्पावरमेंट के साथ स्मार्ट विलेज के निर्माण, 12 लाख स्मॉल रिटेलर इन गुजरात, देश में 3 करोड का परिवार। जामनगर रिफाइनरी देश में इस क्षेत्र की सबसे बडी परियोजना है। पंडित दीनदयाल युनिवसिर्टी 4 से 5 हजार छात्र, भविष्य में वह गुजरात की टॉप यूनिवसिर्टी होगी।

चेक गणराज्य के पीएम से मिले मोदी
गांधीनगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चेक गणराज्य के प्रधानमंत्री लेडी बेबिस से मुलाकात की।

भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक सहयोगी है यूएई
यूएई से आए धानी अल जियाउदी ने कहा कि हमने हमेशा ने सहिष्णुता को बढ़ावा दिया है। भाषण में इंदिरा गांधी से लेकर पीएम मोदी तक के यूएई दौरों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यूएई, अमेरिका और चीन के बाद भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक सहयोगी है।

नामीबिया ने कहा, भारत से रिश्ते मजबूत
नामीबिया से मंत्री जेके रोदवेया ने कहा कि भारत और नामीबिया के रिश्ते काफी मजबूत हैं। उन्होंने इस दौरान भारत और नामिबीया के रिश्तों के इतिहास का भी जिक्र किया। साथ ही, उन्होंने नामीबिया में इनवेस्ट करने के लिए भी लोगों को आमंत्रित किया।

साउथ कोरिया ने कहा, भारत में वैश्विक ताकत बनने का माद्दा
साउथ कोरिया से आए मंत्री किम योंग रे ने कहा कि भारत में वैश्विक अर्थव्यवस्था बनने की पूरी ताकत है। यहां तक की भारत एक ऐसा देश भी है जो कि सुपर कंप्यूटर बना सकता है और एक साथ सौ से ज्यादा सैटेलाइट्स छोड़ सकता है। उन्होंने मेक इन इंडिया इनिशिएटिव की भी तारीफ की।

नीदरलैंड के मंत्री बोले, मोदी के सुधारों में भागीदार बनना चाहते हैं
नीदरलैंड के वित्त और टैक्स मंत्री मैनो स्नैल ने समिट के उद्घाटन पर भाषण के दौरान पीएम मोदी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि पीएम की ओर से किए महत्वाकांक्षी आर्थिक सुधारों अब फल देने लगे हैं। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप इंडिया, क्लीन इंडिया, गंगा कायाकल्प अभियान आदि कुछ ऐसी योजनाएं हैं, इनके परिणाम भी बहुत ही बेहतरीन आए हैं। उन्होंने कहा कि डच कंपनियां भी मोदी की इस सुधार मुहिम का हिस्सा बनना चाहती हैं। उन्होंने हिंदी में कहा, भारत और नीदरलैंड की दोस्ती हमेशा कामयाब रहेगी।

मोरक्को ने किया धन्यवाद, कहा- रिश्ते मजबूत होंगे
मोरक्को की वित्त और उद्योग मंत्री रकिया एडरहैम ने कहा, भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का धन्यवाद कि उन्होंने एक ऐसी विदेश नीति का विकास किया जो कि एक-दूसरे के सम्मान और बराबरी के हक पर आधारित थी। उन्होंने समिट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुजरात के सीएम विजय रुपाणी का भी धन्यवाद किया।

सीएम विजय रूपाणी ने किया स्वागत
समिट में आए विदेशी मेहमानों और विभिन्न देशों के प्रधानमंत्रियों का सीएम विजय रूपाणी ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि वे इस समिट के जरिए भारत और विदेशों के बीच आर्थिक रिश्तों को मजबूत करना चाहते हैं।

जय-जय गरवी गुजरात से समिट की शुरुआत
समिट की शुरुआत जय-जय गरवी गुजरात गीत से हुई। इसे वीररस के कवि नर्मद ने लिखा है। इस गीत में गुजरात के गौरवमयी इतिहास का वर्णन है। समिट में गीत की प्रस्तुति विश्व प्रसिद्ध लाइट वोकलिस्ट प्रहर वोहरा ने दी।

पीएम नरेंद्र मोदी ने किया समिट का उद्घाटन 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाइब्रेंट गुजरात समिट का उद्घाटन किया। मोदी के अलावा देशभर के छोटे-बड़े 19 उद्योगपति भी गुजरात पहुंचे हैं। इसके अलावा कई देशों के प्रधानमंत्री भी समिट के उद्घाटन पर पहुंचे हैं।

मोदी ने जोसेफ मस्कट से मुलाकात की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माल्टा के प्रधानमंत्री जोसेफ मस्कट से गुजरात की राजधानी गांधीनगर में वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट से इतर मुलाकात की।

अनिल अंबानी-दासौ को न्योता नहीं
गौरतलब है कि इस बार वाइब्रेंट गुजरात समिट में अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी को इस बार बुलाया ही नहीं गया है। राफेल विमान बनाने वाली कंपनी डसॉल्ट एविएशन का भी नाम सरकार द्वारा जारी लिस्ट से गायब है। अनिल अंबानी की ये अनदेखी तब हो रही है, जब राफेल डील में अनिल अंबानी की कंपनी को ठेका मिलने को लेकर केंद्र की मोदी सरकार आरोपों के घेरे में है। अनिल अंबानी 2003 से शुरू हुए गुजरात के इस शिखर व्यापार सम्मेलन में नियमित रूप से शामिल होते रहे हैं।

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विदेश TATA के वाहनों में CCTV से होगी सामान की निगरानी, OTP से खुलेंगे दरवाजे

1 Hour ago

Tata Motors (टाटा मोटर्स) अपनी नई तकनीक और रणनीति से फिर से एक बार ग्राहकों को हैरान करने जा रही है। दरअसल E Commerce (ई-कॉमर्स) दुनिया में सबसे तेजी से उभरता हुआ बाजार है। TATA ने ई-कॉमर्स बाजार में अपनी दावेदारी को और भी मजबूत करने के लिए E Commerce Expo 2019 का आयोजन किया। गुरुग्राम में हुए इस आयोजन में Tata (टाटा) ने अपने 13 कॉमर्शियल वाहनों को पेश किया। इनमें SCV, ILCV और MHCV सेगमेंट में सबसे ज्यादा बिकने वाले वेरिएंट्स भी शामिल थे।

इस इवेंट में Tata (टाटा) ने अपने नए फीचर्स को ग्राहकों के सामने पेश किया। इसमें OTP से खुलने वाला कंटेनर भी शामिल है। दरअसल Tata (टाटा) ने सर्विस को और भी पारदर्शी (ट्रांसपैरेंट) बनाने के लिए कुछ नए फीचर्स शामिल किए हैं। इनमें तीन CCTV कैमरे, एक रियर कैमरा, टच स्क्रीन, कनेक्टिविटी और OTP से खुलने वाला कंटेनर शामिल है। तो जानते हैं इन नए फीचर्स के बारे में।

कैमरे की नजर में होगा ड्राइवर

E Commerce Expo 2019 में पेश की गई कॉमर्शियल वाहनों में ड्राइवर के कैबिन में कैमरा फीचर दिया गया है। इससे वाहन का मालिक दूर अपने टैब या पीसी से ड्राइवर पर नजर रख सकता है। इससे ग्राहक पता लगा सकते हैं कि ड्राइवर किस हालात में और कैसे वाहन चला रहा है। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा सकता है कि ड्राइवर के साथ कैबिन में और कौन मौजूद है।

CCTV से होगी सामान की निगरानी

Tata (टाटा) की कॉमर्शियल वाहनों में ग्राहक अपने कंटेनर में CCTV कैमरा इंस्टॉल करा सकते हैं। इससे ग्राहक मीलों दूर बैठ कर भी अपने सामान की निगरानी कर सकते हैं।

आंखों के सामने होगी Loading (लोडिंग)

Tata (टाटा) की कॉमर्शियल वाहनों के कंटेनर में लगे तीसरा कैमरे का डायरेक्शन बाहर की तरफ होगा। इससे ग्राहक आसानी से कहीं भी बैठ कर कंटेनर के अंदर सामान को लोड होते हुए देख सकेंगे।

OTP

कई बार ऐसा होता है जब वाहन के मालिक को सामान की ज्यादा चिंता होती है। इसके कई कारण होते हैं जैसे, सामान का महंगा होना या ड्राइवर पर यकीन न होना। ऐसे में Tata (टाटा) का OTP (वन टाइम पासवर्ड) फीचर ग्राहकों के काफी काम आ सकता है। इससे सामान के लोड होने के बाद कंटेनर को तब तक खोला नहीं जा सकता है, जब तक ग्राहक के रजिस्टर डिवाइस में आए OTP नंबर से उसे न खोला जाए।

कनेक्टिविटी

Tata (टाटा) के कॉमर्शियल वाहनों में लगे सीसीटीवी कैमरे वाहन के सिस्टम से कनेक्ट हैं। इन कैमरो के विजुअल को वाहन के मालिक कहीं भी बैठ कर अपने टैब या पीसी पर देख सकते हैं।

पहली बार रियर कैमरा

कार में रियर कैमरा का इस्तेमाल हम पार्किग और रिवर्स डायरेक्शन के लिए करते हैं। Tata अपने कॉमर्शियल वाहनों में पहली बार इस फीचर का इस्तेमाल कर रही है। यानी की अब ट्रक का ड्राइवर पार्किंग या रिवर्स के दौरान इसका इस्तेमाल कर सकता है।

टच स्क्रीन

Tata के कॉमर्शियल वाहन को चला रहा ड्राइवर वाहन की सारी जानकारी को कैबिन में लगे टच स्क्रीन पर एक्सेस कर सकता है।

ध्यान देना जरूरी

टाटा के फुली लोडेड मॉडल में कैमरे से लेकर दूसरे फीचर्स कंपनी की तरफ से दिए जा रहे हैं। हालांकि, ग्राहक शुरुआती मॉडल में अपने पसंद के हिसाब से इन फीचर्स को एड करा सकते हैं। यानी ग्राहक को जो फीचर पसंद हो वही वाहन में दिया जाएगा और केवल उसी फीचर का उन्हें भुगतान करना होगा।

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विदेश थाईलैंड के इन 6 मार्केट्स में देर रात तक भी ले सकतें हैं शॉपिंग का मज़ा

1 Hour ago

घूमने-फिरने के साथ ही बैंकॉक शॉपिंग के लिए भी लोगों के बीच बहुत मशहूर है। जहां दुनिया के गिने-चुने बेहतरीन मार्केट्स हैं। फैशनेबल, स्टाइलिश से लेकर खूबसूरत चीज़ों की खरीददारी करनी हो तो बैंकॉक के इन मार्केट्स जरूर आएं। सबसे अनोखी बात है कि यहां के मार्केट्स देर रात तक खुले रहते हैं। मतलब आप सुबह आराम से घूमने-फिरने के बाद शाम को इन मार्केट्स की सैर कर सकते हैं।

बैंकॉक में शॉपिंग के लिए मशहूर हैं ये मार्केट्स

चाटूचाक मार्केट

चाटूचाक वीकेंड मार्केट, बैंकॉक के बेहतरीन मार्केट्स में से एक है। तो अगर आप बैंकॉक घूमने आएं हैं तो थोड़ा सा टाइम निकालकर यहां जरूर जाएं। ये दुनिया के सबसे बड़े वीकेंड मार्केट्स में से एक है। 1 किमी के एरिया में फैले इस मार्केट में करीब 15000 दुकानें हैं जहां आपको जरूरत का हर एक सामान मिलेगा। फैशनेबल आइटम्स से लेकर घर सजावट के सामान, किताबें, कपड़े और कॉस्मेटिक्स की दुकानों पर लोगों की सबसे ज्यादा भीड़ रहती है।

इसे थाईलैंड के मशहूर डेस्टिनेशंस में से एक कह सकते हैं क्योंकि वीकेंड में यहां आने वालों की तादाद तकरीबन 2 लाख के करीब होती है।

कब जाएं- क्योंकि ये वीकेंड मार्केट है तो फ्राईडे को शाम 6 बजे से आधी रात तक खुली रहती है लेकिन उस दौरान काफी सारी दुकानें बंद रहती हैं। बेहतर होगा आप शनिवार या रविवार को जाएं जब सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक शॉपिंग कर सकते हैं।

बैंकॉक चाइनाटाउन के नाम से मशहूर ये शहर का सबसे भीड़भाड़ वाला इलाका है। जहां आकर सिर्फ शॉपिंग ही नहीं बल्कि बैंकॉक के टेस्टी स्ट्रीट फूड्स का भी मज़ा ले सकते हैं। चारों तरफ नज़र आतीं जूलरी, कपड़ों और एक्ससेरीज़ की दुकानें इस जगह की रौनक को दोगुना करती हैं। व्होलसेल मार्केट होने की वजह से यहां आकर आप बजट में ढेर सारी शॉपिंग कर सकते हैं।

कब जाएं- ये मार्केट रोज़ाना सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक खुली रहती है।

प्रतुनाम मार्केट

ये बैंकॉक की इनडोर मार्केट है जहां से आप लेटेस्ट, ट्रेंडी और फैशनेबल फुटवेयर्स, कपड़े, हैंडबैग्स, जूलरी, सनग्लासेज़, आउटफिट्स की शॉपिंग कर सकते हैं वो भी अपने बजट में। अगर आपकी किस्मत अच्छी हुई तो बहुत ही कम दाम में अच्छी चीज़ें घर ले जा सकते हैं। मार्केट बहुत ही मशहूर टूरिस्ट एरिया में बना हुआ है जिसकी वजह से यहां लोकल के साथ ही बाहर से आने वाले सैलानियों की भी अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिलती है।

कब जाएं- रोज़ाना सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक यहां शॉपिंग का लुत्फ उठाया जा सकता है।

बैंकॉक फॉर्मर मार्केट

बैंकॉक फॉर्मर मार्केट महज एक मार्केट नहीं बल्कि यहां थाईलैंड के सारे ऑर्गेनिक फॉर्मर एक साथ काम करते हुए देखे जा सकते हैं। जो हेल्दी लाइफस्टाइल को बढ़ावा देते हैं। ये योगा भी करते हैं और साथ ही साथ एजुकेशन, चैरिटी और कई तरह के दूसरे वेलफेयर के कामों में भी लगे हुए हैं। हर महीने के पहले और तीसरे वीकेंड में लगने वाली इस मार्केट से आप फ्रेश और हेल्दी फ्रूट्स, वेजिटेबल्स, फूड, ड्रिंक्स के अलावा ब्यूटी प्रोडक्ट्स, कपड़े और जूलरी सभी चीजें खरीद सकते हैं।

कब जाएं- हर महीने के पहली और तीसरे वीकेंड में लगने वाली इस मार्केट में आप सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक शॉपिंग कर सकते हैं।

क्लोंग टोय फ्रेश मार्केट

इस मार्केट से आप कपड़े, फुटवेयर्स और एक्सेसरीज़ के अलावा सी-फूड्स लिए सबसे ज्यादा मशहूर है।

कब जाएं- रोज़ाना सुबह 6 बजे से रात दो बजे तक यहां शॉपिंग के लिए जा सकते हैं।

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विदेश अगर आप भी करते हैं इंसुलिन का इस्‍तेमाल तो यहां एक बार जरूर पढ़ लें, होगा फायदा

1 Hour ago

डायबिटीज के मरीजों को उनके शुगर लेवल के हिसाब से इंसुलिन दिया जाता है। यदि इंसुलिन के बावजूद शुगर कंट्रोल में नहीं आती तो उनका इंसुलिन का लेवल भी बढ़ा दिया जाता है। डायबिटीज के प्रभाव मरीजों पर बहुत अलग-अलग होते हैं, डायबिटीज के नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकें इसके लिए डायबिटीज के मरीज को इंसुलिन दिया जाता है। 

क्या आप जानते हैं यदि आपकी डायबिटीज कंट्रोल में नहीं होगी तो आप कई बीमारियों का शिकार हो सकते हैं। लेकिन इसके साथ ही आपके लिए यह भी जानना जरूरी है कि डायबिटीज पेशेंट जो इंसुलिन लेते हैं, उसके भी नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं। इंसुलिन के प्राथमिक संरचना की खोज ब्रिटिश आण्विक जीवशास्त्री फ्रेड्रिक सैंगर ने की थी। यह प्रथम प्रोटीन था जिसकी शृंखला ज्ञात हो पायी थी। इस कार्य के लिए उन्हें 1958 में रासायनिकी में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। आइए जानें डायबिटिक्स में इंसुलिन के अतिरक्त प्रभावों के बारे में।

इंसुलिन क्‍या है
इंसुलिन एक प्रकार का हार्मोन है जिसका निर्माण अग्नाशय में होता है। हमारा आमाशय कार्बोहाइड्रेट्स को रक्त शर्करा में परिवर्तित करता है। इंसुलिन के माध्यम से यह रक्त शर्करा ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है। यदि पैनक्रियाज इंसुलिन बनाना बंद कर दे तो ब्‍लड ग्‍लूकोज ऊर्जा में परिवर्तित नहीं होगी। ऊर्जा की कमी के कारण व्यक्ति जल्दी थक जाएगा, इसलिए ऊर्जावान रहने के लिए इंसुलिन का निर्माण होना जरूरी है।

इंसुलिन कैसे करता है काम
इंसुलिन हमारे शरीर के लिए बहुत उपयोगी है। इंसुलिन के जरिए ही रक्त में, कोशिकाओं को शुगर मिलती है यानी इंसुलिन शरीर के अन्य भागों में शुगर पहुंचाने का काम करता है। इंसुलिन द्वारा पहुंचाई गई शुगर से ही कोशिकाओं या सेल्स को ऊर्जा मिलती है। इसलिए डायबिटीज के रोगियों को इंसुलिन की अतिरिक्‍त खुराक दी जाती है।

डायबिटीज के उपचार में इंसुलिन की भूमिका
डायबिटीज के रोगियों में ब्‍लड शुगर को सामान्‍य रखने के लिए इंसुलिन दिया जाता है। ऐसा माना जाता है कि डायबिटीज के रोगियों को हमेशा इंसुलिन की जरूरत होती है, वास्‍तव में ऐसा नहीं है। टाइप2 डायबिटीज से ग्रस्‍त रोगी भी बिना इंसुलिन के इसका उपचार कर सकता है। दवाओं के साथ-साथ उचित खानपान और नियमित दिनचर्या के साथ टाइप2 डायबिटीज को नियंत्रित किया जा सकता है।


इंसुलिन से बुहत दर्द नहीं होता
लोगों को लगता है कि इंसुलिन का इंजेक्‍शन प्रयोग करने में बहुत दर्द होता है। जबकि इंसुलिन इंजेक्‍शन इंजेक्‍शन बहुत पतला और छोटा होता है, जिससे बिलकुल भी दर्द नहीं होता।

इंसुलिन के कई प्रकार
इंसुलिन को चार प्रकारों में बांटा जाता है। शॉर्ट एक्टिंग इंसुलिन - इसका असर बहुत तेजी से (30-36 मिनट में) होता है और यह 6-8 घंटे तक प्रभावी रहता है। इंटरमीडिएट एक्टिंग इंसुलिन - यह बहुत धीरे-धीरे (1-2 घंटे में) असर करता है और 10-14 घंटे तक प्रभावी रहता है। लॉग एक्टिंग इंसुलिन 24 घंटे तक प्रभावी रहता है और इंसुलिन का मिश्रण जो सबको मिलाकर प्रयोग किया जाता है।

कौन सा इंसुलिन सबसे अधिक फायदेमंद
अगर ऑप इंटरमीडिएट एक्टिंग इंसुलिन का प्रयोग कर रहे हैं तो दिन में इनका प्रयोग दो बार करें। शॉर्ट एक्टिंग इंसुलिन का प्रयोग दिन में तीन बार करें और अगर आप लॉग एक्टिंग का प्रयोग कर रहे हैं तो इसे दिन में एक बार वो भी सोने से पहले प्रयोग करें।

कैंसे करें इंसुलिन का प्रयोग
दस साल के ऊपर के मरीजों को खुद से इंसुलिन का प्रयोग करना चाहिए। इंसुलिन किट में जरूरी सभी सामान जैसे - इंसुलिन की स्पिरिट, रूई और इंसुलिन सिरिंज साथ होना चाहिए। इसंलिन का प्रयोग करने से पहले हाथ को अच्‍छे से साफ भी कर लीजिए।

बिना इंसुलिन के प्रयोग के भी रह सकते हैं
इंसुलिन का इंजेक्‍शन लेने का मतलब यह बिलकुल भी नहीं है कि यह हमेशा के लिए हो गया है। आप बिना इंसुलिन के इंजेक्‍शन के भी मधुमेह को नियंत्रण में रख सकते हैं। टाइप2 डायबिटीज से के शुरूआत में या फिर गर्भावस्‍था के दौरान में इंसुलिन का प्रयोग करें। उसके बाद बिना इंसुलिन के भी मधुमेह के प्रभाव को कम कर सकते हैं। इसके लिए नि‍यमित व्‍यायाम करें और खानपान का विशेष ध्‍यान रखें।


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विदेश नई डिवाइस से दूर होगी यूरिन इन्फेक्शन से संबंधी समस्या

1 Hour ago

शोधकर्ताओं ने यह डिवाइस विकसित की है। इससे मूत्रशय में अतिसक्रियता की पहचान करने के साथ ही बायोइंटिग्रेटेड एलईडी के प्रकाश के उपयोग से उसे ठीक भी किया जा सकता है।

वैज्ञानिकों ने एक ऐसी नन्ही डिवाइस विकसित की है जिसे प्रत्यारोपित किया जा सकता है। इस डिवाइस से उन लोगों के इलाज में मदद मिल सकती है जो मूत्रशय (ब्लैडर) संबंधी समस्याओं से पीड़ित हैं। अमेरिका की वाशिंगटन यूनिवर्सिटी और नार्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने यह डिवाइस विकसित की है। इससे मूत्रशय में अतिसक्रियता की पहचान करने के साथ ही बायोइंटिग्रेटेड एलईडी के प्रकाश के उपयोग से उसे ठीक भी किया जा सकता है।

शोधकर्ताओं ने प्रयोगशाला में चूहों पर किए गए परीक्षण में पाया कि इस डिवाइस से उन लोगों को मदद मिल सकती है जिन्हें बार-बार पेशाब करने की जरूरत पड़ती है। ऐसे लोगों को मूत्रशय की अतिसक्रियता के चलते दर्द, जलन और बराबर पेशाब करने की समस्या का सामना करना पड़ता है। इस डिवाइस से ऐसे लोगों को राहत मिल सकती है।

ब्‍लैडर संक्रमण को साइस्‍ट‍िसिस और ब्‍लैडर में सूजन भी कहा जाता है। यह समस्‍या महिलाओं में काफी सामान्‍य है, लेकिन आमतौर पर पुरुष इस समस्‍या से ग्रस्‍त नहीं होते। कुछ दुलर्भतम मामलों में ही पुरुषों को इससे पीडि़त देखा जाता है। एक अनुमान के अनुसार आधे से अधिक महिलायें अपने जीवन में कभी न कभी ब्‍लैडर संक्रमण से जरूर प्रभावित होती हैं। हालांकि, पुरुषों में यह रोग काफी असामान्‍य है, लेकिन उम्र के साथ उनमें भी ब्‍लैडर संक्रमण होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसा अंडकोश के आकार में बढ़ोत्तरी होने के कारण होता है।

एंटीबायोटिक्‍स

ब्‍लैडर इनफेक्‍शन संबंधी परेशानी होने पर ज्‍यादातर डॉक्‍टरों द्वारा रोगी को एमोक्‍सीसिलिन, एम्‍पीसिलिन और सिपरोफ्लोक्‍सिन का सेवन करने की सलाह दी जाती हैं।

पानी और बेकिंग सोडा

पानी और बेकिंग सोडे का इस्‍तेमाल आपको ब्‍लैडर इनफेक्‍शन में राहत पहुंचाएगा। यह भी इस रोग का घरेलू उपचार है। मूत्राशय कैंसर की परेशानी में एक कप पानी में आधी चम्‍मच बेकिंग सोडा मिलाकर पीने से फायदा मिलेगा।

क्रेनबेरी

क्रेनबेरी या करौंदा, यह बेर के आकार का छोटा और स्‍वाद में खट्टा फल होता है। करौंदे का सेवन ब्‍लैडर इनफेक्‍शन में बहुत फायदेमंद होता है और यह एक घरेलू उपाय है।

तरल पदार्थो का सेवन

ज्‍यादा से ज्‍यादा मात्रा में पानी पीना आपको ब्‍लैडर इनफेक्‍शन होने के दौरान और इसके ठीक होने के बाद भी फायदेमंद रहता है। ज्‍यादा मात्रा में पानी पीने से आपका कई रोगों से बचाव होता है। 

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विदेश हवाई यात्रा लेट या रद होने पर मुफ्त होटल व भोजन की सुविधा, जानें- क्या हैं नियम

1 Hour ago

हवाई यात्रा करने वालों के लिए ये खबर बहुत काम की है। हवाई यात्रा में देरी या कैंसल होने पर डीजीसीए ने यात्रियों के हित में कई नियम बनाए हैं। इसमें मुआवजे का भी प्रावधान है।

सर्दियों में मौसम में ट्रेन या हवाई जहाज, कोहरे का कहर सब पर पड़ता है। कोहरे या किसी अन्य कारण से ट्रेनों के लेट होने का सिलसिला काफी पुराना और बहुत आम है। कई बार कोहरे या अन्य तकनीकी वजहों से हवाई यात्रा में भी देरी होती है या निरस्त कर दी जाती है। पिछले सप्ताह ही कोहरे की वजह से तकरीबन 200 उड़ानों में देरी हुई या रद्द करनी पड़ी थीं। हवाई यात्रा पर कोहरे का ये कहर अब भी जारी है। क्या आप जानते हैं कि हवाई यात्रा में देरी होने, रद होने या ओवरबुकिंग होने पर आप मुआवजे के हकदार हैं? अगर आपका जवाब नहीं है, तो आइये हम आपको बताते हैं कि एविएशन रेगुलेटर डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने यात्री हितों की रक्षा के लिए क्या-क्या नियम बनाए हैं।

हवाई यात्रा में देरी होने पर...

अगर आपकी हवाई यात्रा में 24 घंटे से कम की देरी होती है तो आप एयरपोर्ट पर भोजन और रिफ्रेशमेंट पाने के हकदार हैं। 24 घंटे से ज्यादा की देरी होने पर आपको मुफ्त में होटल में रहने की भी सुविधा मिलती है। होटल का चुनाव एयरलाइंस की पॉलिसी के अनुसार होगा। डीजीसीए के नियमों के अनुसार अगर हवाई यात्रा में देरी की वजह एयरलाइंस के नियंत्रण से बाहर है तो वह यात्रियों को मुआवजा देने के लिए बाध्य नहीं होगी। बाहरी कारणों में राजनीतिक अस्थिरता, प्राकृतिक हादसा, गृह युद्ध, बम विस्फोट, दंगा, उड़ान को प्रभावित करने वाला सरकारी आदेश और हड़ताल शामिल है।

हवाई यात्रा रद होने पर...

अगर आपकी हवाई यात्रा रद होती है तो एयरलाइंस बिना अतिरिक्त किराया लिए, आपको यात्रा के दूसरे विकल्प देने को बाध्य है। अगर आप दूसरी फ्लाइट या दूसरे एयरलाइंस की फ्लाइट में यात्रा नहीं करना चाहते हैं तो आपको टिकट की पूरी कीमत वापस लेने के हकदार हैं। अगर फ्लाइट रद होने से तीन घंटे पहले आपको इसकी सूचना नहीं दी जाती है तो एयरलाइंस को यात्रा के ब्लॉक टाइम के अनुसार मुआवजा देना होगा।


ब्लॉक टाइम के अनुसार मुआवजा

ब्लॉक टाइम का मतलब है, आपकी फ्लाइट गंतव्य तक जाने में जो समय लेती है। एक घंटे के ब्लॉक टाइम वाली फ्लाइट के लिए 5000 रुपये और दो घंटे के ब्लॉक टाइम वाली फ्लाइट के लिए 7000 रुपये या दोनों स्थिति में एक तरफ की बुकिंग के बेस फेयर व एयरलाइन का फ्यूल चार्ज, इनमें से जो भी कम हो वह दिया जाएगा। दो घंटे से ज्यादा के ब्लॉक टाइम वाली फ्लाइट के लिए 10,000 रुपये या एक तरफ की बुकिंग के बेस फेयर में एयरलाइन का फ्यूल चार्ज जोड़कर, दोनों में से जो कम हो दिया जाएगा।

ओवरबुकिंग पर ये है नियम

बहुत सी एयरलाइन खाली सीटों के साथ उड़ान की संभावनाओं को कम करने के लिए ओवरबुकिंग कर लेती हैं। मतलब सीटों की संख्या से ज्यादा यात्रियों की बुकिंग। ऐसे में कई बार यात्रियों को कंफर्म बुकिंग होने के बाद भी एयरलाइंस बोर्डिंग की अनुमति नहीं देती हैं। ऐसे में एयरलाइन को आपके लिए उस फ्लाइट के टेक ऑफ टाइम (उड़ान भरने के समय) से एक घंटे के अंदर दूसरी फ्लाइट का इंतजाम करना होगा। ऐसा न कर पाने पर आप एयरलाइन से मुआवजा लेने के हकदार हैं।

ओवरबुकिंग पर मुआवजा

आपने जिस फ्लाइट के लिए बुकिंग की है अगर एयरलाइन उसके समय से एक घंटे के बाद और 24 घंटे के अंदर आपको दूसरी फ्लाइट उपलब्ध कराती है तो आप एक तरफ की यात्रा के बेस फेयर का 200 फीसद और एयरलाइन का फ्यूल चार्ज जोड़कर मुआवजा पाने के हकदार हैं। ये मुआवजा अधिकतम 10,000 रुपये तक ही हो सकता है। अगर 24 घंटे बाद आपको दूसरी फ्लाइट उपलब्ध कराई जाती है तो आप एक तरफ की यात्रा के बेस फेयर का 400 फीसद और एयरलाइन का फ्यूल चार्ज जोड़कर मुआवजा पाने के हकदार हैं। ये मुआवजा अधिकतम 20,000 रुपये तक हो सकता है। अगर यात्री वैकल्पिक फ्लाइट नहीं लेता है तो वह टिकट की पूरी कीमत और एक तरफ का बेस फेयर का 400 फीसद व एयरलाइन का फ्यूल चार्ज जोड़कर मुआवजा ले सकता है। ये मुआवजा भी अधिकतम 20,000 रुपये तक ही हो सकता है।

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विदेश सात दिन के लिए अंतरीक्ष जाएंगे तीन भारतीय,10 हजार करोड़ के गगनयान प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी

1 Hour ago

नई दिल्ली, जेएनएन। साल 2022 तक तीन भारतीयों को गगनयान  परियोजना के तहत अंतरीक्ष भेजने की मुहीम को भारत सरकार से मंजूरी मिल गई है। तीनों भारतीय वहां सात दिन बिताएंगे। कैबिनेट ने इसके लिए बजट भी मंजूर कर दिया। बताया जा रहा है कि इसमें 10 हजार करोड़ का खर्च आएगा।  

भारत के 72 वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गगनयान परियोजना की घोषणा थी। इस परियोजना की मदद से भारत, अंतरिक्ष में इंसान भेजने वाला चौथा देश बन जाएगा।


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विदेश इन वजहों से 13 दिन बाद भी नहीं निकाले जा सके 300 फीट गहरी खाई में फंसे 15 लोग

1 Hour ago

नई दिल्‍ली [जागरण स्‍पेशल]। थाइलैंड में इसी वर्ष जून में फंसे 12 फुटबाल खिलाडि़यों को एक माह बाद गुफा से निकालने की खबरों ने पूरी दुनिया में सुर्खियां बटोरी थीं। लेकिन अब इसी तरह की घटना उत्‍तर-पूर्वी भारत के राज्‍य मेघालय में देखने को मिल रही है। यहां की एक 300 फीट गहरी गुफा में 13 दिसंबर से करीब 15 लोग फंसे हुए हैं। इन लोगों के यहां फंसे होने की खबर भी कुछ दिनों के बाद सामने आई। इस गुफा में फंसे यह 15 लोग दरअसल मजदूर हैं तो अवैध तरीके से कोयला निकालने के लिए घुसे थे। लेकिन इसमें पानी भर जाने की वजह से वह इससे बाहर नहीं निकल पाए और इसमें अंदर फंसते ही चले गए।

नहीं मिली कामयाबी 
अब इन 15 लोगों को निकालने के लिए बचावकार्य चलाया जा रहा है, लेकिन अब तक इसमें बचावकर्मियों को कोई कामयाबी नहीं मिल सकी है। बचावकर्मियों के लिए यहां पर सबसे बड़ी परेशानी गुफा की गहराई और इसमें करीब 70 फीट तक भरे पानी से हो रही है। इसके अलावा दूसरी दिक्‍कत इन बचावकर्मियों के पास जरूरी इक्‍यूपमेंट की कमी भी है।

नदी का भरा है पानी 
आपको बता दें कि इस गुफा के पास से एक नदी गुजरती है, जिसका पानी इसमें भर गया है। इन अवैध खदानों को यहां की लोकल भाषा में रेट हॉल्‍स कहा जाता है। यहां पर पहुंचने का रास्‍ता भी बेहद दुर्गम है। कहा जा रहा है कि यहां पर अवैध कोयला निकालने का धंधा नियमों को ताक पर रखते हुए स्‍थानीय नेताओं की देखरेख में काफी समय से चल रहा है।

बचाव के इंतजाम नाकाफी 
राज्‍य सरकार की तरफ से पानी निकालने के लिए पंप का इंतजाम न होने की वजह से भी फंसे लोगों को निकालने में दिक्‍कत आ रही है। एनडीआरएफ के संतोष कुमार सिंह ने न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स को बताया है। उनके मुताबिक एक दिक्‍कत ये भी है कि जो लोग बचावकार्य में जुटे हैं वह लोग केवल 40 फीट गहराई तक ही उतरने में महारत रखते हैं, जबकि इसमें पानी करीब 70 फीट तक भरा हुआ है।

बचने की उम्‍मीद हो रही कम 
समय गुजरने के साथ-साथ गुफा में फंसे लोगों के बचने की उम्‍मीद भी कम होती जा रही है। आलम ये है कि बचावकर्मी अभी तक यहां पर फंसे लोगों तक ही नहीं पहुंच पा रहे हैं। आपको यहां पर बता दें कि यहां पर अवैध खनन के लिए काम करने वालों में बच्‍चे अधिक है। इनका यह काम करने की वजह ये भी है कि क्‍योंकि उन्‍हें इस पेशे में दूसरों की अपेक्षा अधिक पैसा मिलता है। यही वजह है कि यह लोग इसकी तरफ रुख करते हैं। इस तरफ आने की वजह यहां पर फैली बेरोजगारी है। इसके तहत अवैध खनन करवाने वाले गरीब मजदूरों का शोषण भी कर रहे हैं। पैसों के लालच में यह लोग अपने जीवन को खतरे में डाल रहे हैं।


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विदेश dfd

1 Hour ago

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विदेश इमरान खान की पार्टी ने विदेश मंत्रालय से पूछा- क्या PM मोदी को शपथ ग्रहण में बुला सकते हैं?

1 Hour ago

इमरान खान की पार्टी ने विदेश मंत्रालय से पूछा- क्या PM मोदी को शपथ ग्रहण में बुला सकते हैं?

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विदेश मिस्र के हवाईअड्डे पर आतंकी हमला, 1 की मौत, दो घायल

1 Hour ago

काहिरा: मिस्र के उत्तरी सिनाई प्रांत के अरीश शहर के हवाईअड्डे पर आतंकवादी हमले में एक अधिकारी की मौत हो गई जबकि दो घायल हो गए. समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने सैन्य प्रवक्ता तमर अल राफे के हवाले से बताया, "अरीश हवाईअड्डे को निशाना बनाकर हमला किया गया, जिसमें एक अधिकारी की मौत हो गई. जबकि दो घायल हो गए. इससे एक हेलीकॉप्टर को आंशिक क्षति पहुंची है."

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विदेश पाकिस्तान पुलिस ने बलूचिस्तान के गवर्नर की हत्या की साजिश नाकाम की, दो लोग गिरफ्तार

1 Hour ago

कराची: बलूचिस्तान के गवर्नर की हत्या की साजिश नाकाम करते हुए पाकिस्तान पुलिस ने पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा से दो लोगों को गिरफ्तार किया है. क्वेटा के पुलिस उप महानिरीक्षक अब्दुल रज्जाक चीमा ने मीडिया को बताया कि दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. वे प्रांतीय गवर्नर मोहम्मद खान अचकजई की उनके पैतृक गांव की यात्रा के दौरान हत्या की साजिश कर रहे थे.


चीमा ने बताया, ‘‘पंजाब निवासी हामिद बशीर और क्वेटा निवासी मुनवर अहमद ने साजिश में शामिल होने की बात कबूल की है. दोनों को अफगानिस्तान के पास गुलिस्तान क्षेत्र में छापेमारी के दौरान गिरफ्तार किया गया।’’ ये लोग गवर्नर पर आत्मघाती हमला करने की योजना बना रहे थे.

अधिकारी ने कहा कि मुखबिर की सूचना पर की गयी छापेमारी के दौरान पुलिस ने परिसर से दो आत्मघाती जैकेट और बारूदी सुरंगों सहित भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किया है. बलूचिस्तान के गृह मंत्री मीर सरफराज बुगती के अनुसार, जांच में पता चला है कि गवर्नर पर हमले की योजना के पीछे कारी तालिबान समूह का हाथ है.

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