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इन वजहों से 13 दिन बाद भी नहीं निकाले जा सके 300 फीट गहरी खाई में फंसे 15 लोग

नई दिल्‍ली [जागरण स्‍पेशल]। थाइलैंड में इसी वर्ष जून में फंसे 12 फुटबाल खिलाडि़यों को एक माह बाद गुफा से निकालने की खबरों ने पूरी दुनिया में सुर्खियां बटोरी थीं। लेकिन अब इसी तरह की घटना उत्‍तर-पूर्वी भारत के राज्‍य मेघालय में देखने को मिल रही है। यहां की एक 300 फीट गहरी गुफा में 13 दिसंबर से करीब 15 लोग फंसे हुए हैं। इन लोगों के यहां फंसे होने की खबर भी कुछ दिनों के बाद सामने आई। इस गुफा में फंसे यह 15 लोग दरअसल मजदूर हैं तो अवैध तरीके से कोयला निकालने के लिए घुसे थे। लेकिन इसमें पानी भर जाने की वजह से वह इससे बाहर नहीं निकल पाए और इसमें अंदर फंसते ही चले गए।

नहीं मिली कामयाबी 
अब इन 15 लोगों को निकालने के लिए बचावकार्य चलाया जा रहा है, लेकिन अब तक इसमें बचावकर्मियों को कोई कामयाबी नहीं मिल सकी है। बचावकर्मियों के लिए यहां पर सबसे बड़ी परेशानी गुफा की गहराई और इसमें करीब 70 फीट तक भरे पानी से हो रही है। इसके अलावा दूसरी दिक्‍कत इन बचावकर्मियों के पास जरूरी इक्‍यूपमेंट की कमी भी है।

नदी का भरा है पानी 
आपको बता दें कि इस गुफा के पास से एक नदी गुजरती है, जिसका पानी इसमें भर गया है। इन अवैध खदानों को यहां की लोकल भाषा में रेट हॉल्‍स कहा जाता है। यहां पर पहुंचने का रास्‍ता भी बेहद दुर्गम है। कहा जा रहा है कि यहां पर अवैध कोयला निकालने का धंधा नियमों को ताक पर रखते हुए स्‍थानीय नेताओं की देखरेख में काफी समय से चल रहा है।

बचाव के इंतजाम नाकाफी 
राज्‍य सरकार की तरफ से पानी निकालने के लिए पंप का इंतजाम न होने की वजह से भी फंसे लोगों को निकालने में दिक्‍कत आ रही है। एनडीआरएफ के संतोष कुमार सिंह ने न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स को बताया है। उनके मुताबिक एक दिक्‍कत ये भी है कि जो लोग बचावकार्य में जुटे हैं वह लोग केवल 40 फीट गहराई तक ही उतरने में महारत रखते हैं, जबकि इसमें पानी करीब 70 फीट तक भरा हुआ है।

बचने की उम्‍मीद हो रही कम 
समय गुजरने के साथ-साथ गुफा में फंसे लोगों के बचने की उम्‍मीद भी कम होती जा रही है। आलम ये है कि बचावकर्मी अभी तक यहां पर फंसे लोगों तक ही नहीं पहुंच पा रहे हैं। आपको यहां पर बता दें कि यहां पर अवैध खनन के लिए काम करने वालों में बच्‍चे अधिक है। इनका यह काम करने की वजह ये भी है कि क्‍योंकि उन्‍हें इस पेशे में दूसरों की अपेक्षा अधिक पैसा मिलता है। यही वजह है कि यह लोग इसकी तरफ रुख करते हैं। इस तरफ आने की वजह यहां पर फैली बेरोजगारी है। इसके तहत अवैध खनन करवाने वाले गरीब मजदूरों का शोषण भी कर रहे हैं। पैसों के लालच में यह लोग अपने जीवन को खतरे में डाल रहे हैं।


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