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Budget 2019: लीक से हटकर होगा अंतरिम बजट, 27 लाख करोड़ रुपए हो सकता है आकार

आम चुनाव से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार का अंतरिम बजट लीक से हटकर होगा। माना जा रहा है कि एनडीए सरकार 27 लाख करोड़ रुपए का अंतरिम बजट पेश कर सकती है। केंद्र इसमें कुछ ऐसे प्रावधान भी कर सकता है जो अब तक के अंतरिम बजट में देखने को नहीं मिले हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्र के विकास से जुड़े कार्यक्रमों के लिए आवंटन में बड़ी वृद्धि की जा सकती है।

वित्त मंत्री पहली फरवरी को वित्त वर्ष 2019-20 का अंतरिम बजट पेश करेंगे। इसमें केंद्र के विभिन्न मंत्रालयों के सालाना आवंटन में 10 से 11 फीसद तक की वृद्धि हो सकती है। चालू वित्त वर्ष के आम बजट का आकार 24.42 लाख करोड़ रुपये है। ऐसे में अगले वित्त वर्ष के बजट का आकार लगभग 27 लाख करोड़ रुपये हो सकता है।

आम धारणा यह है कि सरकार अपने कार्यकाल के आखिरी बजट में कोई महत्वपूर्ण घोषणा करने से बचती रही है। हालांकि पिछले दिनों इलाज के लिए अमेरिका जाने से पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली ने स्पष्ट कहा था कि अंतरिम बजट में बड़ी घोषणा करना कोई नई बात नहीं है। ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार अंतरिम बजट के लिए परंपराओं को तोड़कर कुछ नया भी कर सकती है।

वैसे तो ट्रेंड दिखाता है कि सरकार लगातार अपने खर्च को नियंत्रित करने की कोशिश करती रही है। लेकिन चुनावी वर्ष इसका अपवाद साबित हो सकता है। हाल के वर्षों में जीडीपी के अनुपात में आम बजट का आकार लगातार घटा है। आम चुनावों को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण विकास और कृषि मंत्रालय समेत उन सभी मंत्रालयों के बजट में अच्छी वृद्धि हो सकती है, जिनसे आम जनता का सीधे तौर पर जुड़ाव हो।

बहरहाल, सूत्रों का कहना है कि चालू वित्त वर्ष में सरकार के आम बजट का जो आकार है वह देश के जीडीपी का करीब 13 फीसद है और इस वर्ष अप्रैल से शुरू हो रहे वित्त वर्ष 2019-20 में इसे घटाकर 12.7 फीसद पर लाने की कोशिश होगी। लेकिन आम चुनाव के मद्देनजर सरकार इस संबंध में लचीला रुख अपना सकती है। गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2009-10 में सरकार के बजट का आकार जीडीपी का 15.8 फीसद था। इस तरह जीडीपी के अनुपात में बजट का आकार लगातार घटाने की कोशिश रही है।


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