Please wait, loading...

Latest Updates


latest-post-marquee ग्राहक को जेब में पैसे के मुताबिक मिलेगी एलपीजी गैस, सरकार ने दिया विकल्‍प latest-post-marquee डिजिटल फार्मिंग से भरेगा दुनिया का पेट, बदल रही तकनीक, आधुनिक हो रहे किसान latest-post-marquee थाई बॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियन टिकेश्वरी ने कभी मनचलों को सिखाया था ऐसा सबक latest-post-marquee शोधार्थियों को फेलोशिप में बढोत्तरी को लेकर अब नहीं करना पड़ेगा आंदोलन latest-post-marquee एयरपोर्ट पर शक्ति कपूर से मिले क्रिकेटर युवराज सिंह, ये स्टार्स भी दिखे, देखें तस्वीरें latest-post-marquee फर्जी बिल के आधार पर न लें टैक्स छूट, भरना पड़ सकता है इतना जुर्माना latest-post-marquee SBI Small Account: कैसे खुलता है ये खाता, कितना मिलता है ब्याज, जानिए सब कुछ latest-post-marquee Ind vs NZ: हार्दिक पांड्या ने फिर किया ये कमाल, छुड़ा दिए न्यूज़ीलैंड के पसीने

Read Full News

शोधार्थियों को फेलोशिप में बढोत्तरी को लेकर अब नहीं करना पड़ेगा आंदोलन

शोध के लिए देश में बेहतर माहौल बनाने में जुटी सरकार ने शोधार्थियों की फेलोशिप राशि में बढ़ोत्तरी को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत फेलोशिप राशि में बढ़ोत्तरी को लेकर शोधार्थियों को अब आंदोलन नहीं करना होगा, बल्कि इसमें हर साल खुद ही बढोत्तरी हो जाएगी। इसे लेकर एक मजबूत तंत्र बनाया जाएगा। फिलहाल इसे लेकर सरकार ने वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के सचिव जीसी मुरमू की अध्यक्षता में एक दस सदस्यीय अंतर-मंत्रालयीन कमेटी गठित कर दी है। जिसने अपना काम भी शुरू कर दिया है।

फेलोशिप राशि की हर साल होगी समीक्षा, चार हफ्ते में देगी रिपोर्ट

सरकार ने यह कदम फेलोशिप राशि में बढोत्तरी के हफ्ते भर के भीतर उठाया है, जिसमें फेलोशिप की राशि में करीब 35 फीसद तक बढ़ोत्तरी की गई है। हालांकि सरकार ने यह फैसला शोधार्थियों की ओर से चलाए गए लंबे आंदोलन के बाद लिया था। इस बीच गठित की गई कमेटी को चार हफ्ते में अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है।

बनेगा मजबूत तंत्र, सरकार ने गठित की दस सदस्यीय अंतर-मंत्रालयीन कमेटी

कमेटी में जिन मंत्रालयों को प्रमुखता से शामिल किया गया है, उनमें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय और मानव संसाधन विकास मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव को इसका सह-अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा इस कमेटी में सात अन्य सदस्य भी बनाए गए है। इनमें डायरेक्टर सीएसआईआर, डायरेक्टर आईसीएआर, चेयरमैन यूजीसी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के वित्त सलाहकार, जेएनयू के कुलपति प्रोफेसर जगदीश कुमार, आईआईटी दिल्ली के डायेक्टर प्रोफेसर वी रामगोपाल राव और सचिव यूजीसी को शामिल किया गया है।

अभी शोधार्थियों की फेलोशिप राशि में बढ़ोत्तरी को लेकर देश को कोई भी व्यवस्था नहीं है। हाल ही में हुई यह बढ़ोत्तरी चार सालों के बाद की गई थी। शोधर्थियों की ओर से फेलोशिप राशि में बढ़ोत्तरी का सालाना आंकलन करने की भी मांग की गई थी।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक फेलोशिप में बढ़ोत्तरी के जिस फार्मूले पर काम किया जा रहा है, उसके तहत शोधार्धियों के प्रदर्शन को भी जांचा जाएगा।

अभी शोध के क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऐसे छात्र पंजीकृत है, जो लंबे समय से एक ही शोध में लगे है, लेकिन अभी तक कोई वह पूरा नहीं हो सका है। नई योजना के तहत शोधार्थियों अब शोध को ज्यादा लंबा लटका नहीं सकेंगे। माना जा रहा है कि इससे शोध के क्षेत्र में भी तेजी आएगी।


OTHER NEWS